उपनल कर्मियों के नियमितीकरण पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब; अगली सुनवाई 8 मई को
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल संविदा कर्मचारियों व वन विभाग के दैनिक श्रमिकों के नियमितीकरण को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 मई को निर्धारित भी की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर सचिव कार्मिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही पेश हुए। न्यायालय ने पूर्व आदेशों का अवलोकन करते हुए नाराजगी जताई व सुझाव दिया कि सचिव कार्मिक, सचिव वित्त और मुख्य सचिव आपस में बैठक कर वर्तमान नियमावली के आधार पर कर्मचारियों के नियमितीकरण पर निर्णय भी लें।
कोर्ट ने यह भी कहा कि उपनल कर्मियों व वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान देने के विकल्प पर गंभीरता से विचार भी किया जाए। सचिव कार्मिक को इस संबंध में 8 मई तक विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सुनवाई के दौरान कर्मचारी संघ के वकीलों ने सरकार पर अवमानना का आरोप लगाते हुए कहा कि खंडपीठ के पूर्व आदेश के बावजूद अब तक नियमितीकरण पर कोई ठोस निर्णय ही नहीं लिया गया है और न ही इसे रिकॉर्ड में प्रस्तुत भी किया गया है।
वहीं, उत्तराखंड सरकार की ओर से दलील दी गई कि उपनल कर्मियों को नियमित करने का कोई स्पष्ट प्रावधान ही नहीं है, हालांकि न्यूनतम वेतनमान पर विचार भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि कर्मचारी संघ की ओर से समान काम के लिए समान वेतन, नियमितीकरण व जीएसटी कटौती रोकने जैसी प्रमुख मांगें भी उठाई गई हैं। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 8 मई की तारीख भी तय की है।