‘विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड’: राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा में बोले मुख्यमंत्री धामी

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने बुधवार को विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान सरकार की उपलब्धियों, नीतियों व भविष्य की योजनाओं को सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकल्प रहित संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है और देवभूमि की पहचान बनाए रखने के लिए सरकार ने पिछले 4 वर्षों में कई सख्त फैसले लिए हैं, जो आगे भी जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है, जिन्होंने इस राज्य की नींव भी रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के चलते राज्य को नई दिशा व गति भी मिल रही है।

उन्होंने बताया कि साल 2026-27 के लिए पेश किया गया बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। यह वर्तमान विधानसभा का अंतिम पूर्णकालिक बजट होने के साथ आने वाले वर्षों में राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। इस बार बजट का आकार 1.11 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं व उम्मीदों का प्रतिबिंब है।

आर्थिक विकास और उद्योगों में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसमें प्रति व्यक्ति आय में करीब 41 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य बजट का आकार भी 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक भी हो गया है।

रोजगार व स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 भी हो गई है। पर्यटन, होटल व होमस्टे क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिले हैं।

नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिससे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित भी हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो पिछले सरकारों के मुकाबले कई गुना अधिक भी हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार के मामलों में आईएएस व पीसीएस अधिकारियों समेत 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।

यूसीसी और अन्य बड़े फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक व दूरगामी निर्णय लिए हैं। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां समान नागरिक संहिता भी लागू किया गया है। इस कानून से महिलाओं को समान अधिकार मिलने के साथ समाज में समानता व न्याय की भावना मजबूत हुई है। इसके साथ ही राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सख्त भू-कानून व धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किए गए हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम भी चल रहा है। सड़क, रेल, रोपवे और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं तेजी से आगे भी बढ़ रही हैं। इनमें ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना और चार धाम अखिल मौसम सड़क परियोजना जैसी परियोजनाएं भी प्रमुख हैं।

किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है और कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

महिला सशक्तीकरण के तहत प्रदेश की करीब 1.70 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” भी बन चुकी हैं। वहीं युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं लागू की गई हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार भी है। धार्मिक, साहसिक, ईको व वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। केदारखंड व मानसखंड मंदिरों के विकास, शीतकालीन यात्रा, फिल्म पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के जरिए उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत भी की जा रही है।