गोल्डन कार्ड योजना में बड़ा बदलाव, अब डिस्चार्ज के समय मरीज से लेना होगा अनिवार्य फीडबैक
देहरादून: प्रदेश के कर्मचारियों व पेंशनरों के कैशलेस इलाज के लिए संचालित राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) में अब अस्पतालों को मरीज के डिस्चार्ज के समय अनिवार्य रूप से फीडबैक भी लेना होगा। इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को नए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत पहले से ही मरीजों से डिस्चार्ज के समय फीडबैक फार्म भी भरवाया जाता है। अब यही व्यवस्था राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) में लागू भी कर दी गई है।
फीडबैक फार्म में मरीज से उपचार की पूरी जानकारी ली जाएगी, जिसमें इलाज की प्रक्रिया, की गई जांच, दी गई दवाइयों व कुल खर्च का विवरण शामिल होगा। साथ ही यह भी दर्ज किया जाएगा कि मरीज को बिना किसी भुगतान के कैशलेस उपचार मिला है या नहीं।
अब अस्पतालों को अपने चिकित्सा दावों के साथ लाभार्थी के हस्ताक्षर वाला फीडबैक फार्म जमा भी करना होगा। यदि फीडबैक फार्म जमा नहीं किया गया तो संबंधित अस्पताल के दावे का भुगतान ही नहीं किया जाएगा। इसके अलावा प्राधिकरण द्वारा मरीजों को रेंडम आधार पर फोन कर फीडबैक की पुष्टि की जाएगी।
प्रदेश में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत करीब 5.16 लाख कार्डधारक भी हैं। अब तक 1.73 लाख मरीज अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस उपचार का लाभ भी ले चुके हैं। योजना शुरू होने से अब तक इस सुविधा पर 641 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है, जबकि ओपीडी के 1.83 लाख दावों पर लगभग 300 करोड़ रुपये व्यय भी किए गए हैं।