चारधाम यात्रा से पहले बड़ा कदम: केदारनाथ-बदरीनाथ में पहली बार लगेगा एटीसी सिस्टम, हेलिकॉप्टर उड़ानों पर रहेगी लाइव निगरानी
आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस बार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए पहली बार केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इससे मौसम की पल-पल की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी और उड़ानों का संचालन अधिक सुरक्षित भी होगा।
चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव—केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व हेमकुंड साहिब—उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां मौसम तेजी से भी बदलता है। घाटियों में अचानक धुंध व बारिश हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए खतरा पैदा कर देती है। पिछले वर्ष केदारनाथ व उत्तरकाशी क्षेत्र में हुए 2 हेलिकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ाई गई थी।
इसी क्रम में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) व नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हेलिकॉप्टर संचालन के लिए कड़े मानक भी लागू किए हैं। पहले ही सिरसी व सहस्त्रधारा हेलीपैड पर एटीएस प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। अब यात्रा शुरू होने से पहले केदारनाथ व बदरीनाथ में भी एटीसी सिस्टम लगाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत हेलिकॉप्टरों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी व मौसम की रियल-टाइम जानकारी के आधार पर ही उड़ान की अनुमति भी दी जाएगी। खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों को तत्काल रोका भी जा सकेगा।
यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि प्रदेश में सुरक्षित हेली सेवा संचालन के लिए फुल-प्रूफ सिस्टम तैयार भी किया जा रहा है। केदारनाथ हेली सेवा के लिए 25 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी भी कर ली जाएगी। इसके बाद दोनों धामों में एटीसी सिस्टम स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा से कोई समझौता भी न हो।