उपनल कर्मचारियों को राहत: बिना स्वीकृत पद पर तैनात कर्मियों की सेवाएं नहीं होंगी समाप्त

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों को नए वर्ष पर राज्य सरकार ने बड़ी राहत भी दी है। अब स्वीकृत पद के बिना कार्यरत उपनल कर्मियों की सेवाएं समाप्त ही नहीं की जाएंगी। प्रदेश में करीब 6 हजार कर्मचारी ऐसे हैं, जो स्वीकृत पद के बिना विभागों में कार्यरत भी हैं।

बताया जा रहा है कि उपनल के माध्यम से तैनात कुछ कर्मचारी स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्य कर रहे हैं, जबकि कई कर्मी बिना पद स्वीकृति के सेवाएं भी दे रहे हैं। इससे पहले शासन स्तर से समय-समय पर ऐसे कर्मचारियों को हटाने के आदेश भी जारी होते रहे हैं। पूर्व में विभागीय स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान व पद स्वीकृति को लेकर जांच के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद कुछ कर्मचारियों का वेतन रोका गया और कुछ की सेवाएं समाप्त भी कर दी गई थीं।

अब उपनल कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए शासन ने न केवल समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने के आदेश भी जारी किए हैं, बल्कि स्वीकृत पद के बिना तैनात कर्मचारियों को लेकर भी नई व्यवस्था भी तय की है।

सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि

यदि कोई कार्मिक स्वीकृत पद के बिना कार्यरत है, तो उससे समूह ‘घ’ के वेतनमान के न्यूनतम या संबंधित संवर्ग के प्रारंभिक पद के न्यूनतम वेतनमान के आधार पर समकक्ष कार्य भी लिया जाएगा। वहीं पद स्वीकृति से जुड़े मामलों पर भविष्य में स्वतंत्र रूप से निर्णय  भी लिया जाएगा।