रिवर्स पलायन से गांवों में जगी स्वरोजगार की नई उम्मीद
रोजगार व कारोबार के लिए देश-विदेश गए प्रवासी उत्तराखंडी अब गांव लौटकर स्वरोजगार के जरिए नई उम्मीद भी जगा रहे हैं। उत्तराखंड पलायन निवारण आयोग की रिवर्स पलायन रिपोर्ट-2025 के अनुसार पिछले 5 वर्षों में प्रदेश के 13 जिलों में 6,282 प्रवासी अपने गांव लौटे हैं, जिनमें 169 विदेशों से वापस भी आए हैं।
रिवर्स पलायन करने वाले प्रवासियों ने अपने अनुभव के आधार पर स्वरोजगार भी शुरू किया है। इनमें 39 प्रतिशत ने कृषि व बागवानी, 21 प्रतिशत ने पर्यटन व होमस्टे, 18 प्रतिशत ने पशुपालन व शेष ने दुकान, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों में काम शुरू किया है। प्रवासियों की सफलता से गांवों में अन्य लोगों को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरणा भी मिल रही है।
रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हर जिले में प्रवासी पंचायत आयोजित करने के निर्देश दिए हैं, जहां गांव लौटे प्रवासियों की सफलता व समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।