Dehradun trekker missing from Madhyamaheshwar track for four days, search operation underway with drone
रुद्रप्रयाग जिले के प्रसिद्ध मध्यमहेश्वर पैदल ट्रैक पर ट्रैकिंग के लिए गए 8 सदस्यों के दल में से एक युवक 4 दिनों से लापता है। लापता ट्रैकर की पहचान वासू फरासी (22), निवासी डांडा खुदानेवाला, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून के रूप में भी हुई है। वह ट्रैकिंग के दौरान अपने साथियों से बिछड़ गया था और तब से उसका कोई सुराग ही नहीं मिल पाया है।
10 नवंबर की रात करीब 10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को युवक के लापता होने की सूचना भी मिली। सूचना मिलते ही आपदा परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग ने तत्काल राजस्व विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ व डीडीआरएफ की टीमों को रेस्क्यू अभियान में लगाया।
वर्तमान में भी संयुक्त टीमें ट्रैकिंग मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान भी चला रही हैं। खोजबीन में 2 ड्रोन भी लगाए गए हैं। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों को जल्द से जल्द लापता ट्रैकर को ढूंढने के निर्देश भी दिए गए हैं। बावजूद इसके अब तक युवक का कोई पता ही नहीं चल सका है।
हिमालयन घुरल का अवैध शिकार करने वाला आरोपी गिरफ्तार
रुद्रप्रयाग में वन विभाग ने हिमालयन घुरल के अवैध शिकार के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया है। गुप्तकाशी यूनिट के अंतर्गत ग्राम राऊलैंक निवासी बृजमोहन नेगी द्वारा घुरल का शिकार कर घर पर उसका मांस पकाए जाने की सूचना वन विभाग को भी मिली थी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की संयुक्त टीम आरोपी के घर पहुंची, जहां पूछताछ में आरोपी और उसके परिजनों ने अवैध शिकार की बात भी स्वीकार की।
उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएस पुंडीर के अनुसार हिमालयन घुरल अनुसूची–I के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति है और इसका शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की धारा 9, 39 व 44 के तहत गंभीर अपराध माना जाता है।
आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत भी किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भी भेज दिया गया।
