चार बच्चियों की विधवा मां को न्याय: बीमा धोखाधड़ी में सीएसएल बैंक सील, संपत्ति कुर्क, नीलामी की तैयारी
देहरादून : 4 नन्ही बेटियों की मां, विधवा प्रिया को न्याय दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा व साहसिक कदम भी उठाया है। पति के ऋण बीमा के बावजूद कर्ज वसूली पर अड़े सीएसएल फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बैंक की संपत्ति को जब्त कर शाखा को सील भी कर दिया है।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब देहरादून निवासी प्रिया ने जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष गुहार लगाई कि उनके पति स्व. विकास कुमार की जुलाई 2024 में आकस्मिक मृत्यु भी हो चुकी है। पति ने सीएसएल बैंक से ₹6.50 लाख का गृह ऋण भी लिया था, जिसका बीमा भी बैंक की सिफारिश पर ही कराया गया था। इसके बावजूद, बीमा कंपनी व बैंक ने क्लेम न जारी किया, न ही ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट। उल्टा, बैंक ने घर के कागजात तक ही जब्त कर लिए।
प्रशासन का एक्शन:
डीएम सविन बंसल ने इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बैंक प्रबंधक की ₹7.15 लाख की रिकवरी चालान (आरसी) भी काट दी थी। बैंक को समय देने के बावजूद जब न ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट ही जारी किया गया, न ही महिला को राहत भी दी गई, तब प्रशासन ने बैंक शाखा को सील कर, चल-अचल संपत्ति कुर्क भी कर दी। अब बैंक की नीलामी की तैयारी भी चल रही है।
वित्तीय गड़बड़ी का पर्दाफाश:
प्रशासन ने पाया कि बीमा के सभी नियम पूरे होने और प्रीमियम काटे जाने के बावजूद बैंक और बीमा कंपनी ने जानबूझकर क्लेम को रोका। यह जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा भी बन गया। जिले के कई अन्य बैंकों के खिलाफ भी ऐसी ही शिकायतें मिल ही रही हैं।
कानूनी प्रक्रिया:
उत्तर प्रदेश ज़मींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 के तहत जारी कुर्की अधिपत्र के तहत बैंक के खाते कुर्क भी कर दिए गए हैं। चल संपत्ति पर्याप्त न होने के चलते अब बैंक की अन्य संपत्तियों की भी नीलामी की जाएगी, जिससे ₹7.15 लाख की पूरी वसूली सुनिश्चित भी की जा सके।
जिलाधिकारी का सख्त संदेश:
डीएम सविन बंसल ने साफ कहा कि जनता के साथ धोखाधड़ी व शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त ही नहीं किया जाएगा। जनहित में आदेशों की अवहेलना करने पर अब बैंक व फाइनेंस कंपनियों को प्रशासनिक शिकंजे के लिए तैयार भी रहना चाहिए।
