पिथौरागढ़: धारचूला की उमचिया पंचायत में मूसलधार बारिश और नेहल गाड़ के उफान से भारी तबाही, मोटर पुल बहा, 50 परिवारों ने बचाई जान
पिथौरागढ़/धारचूला: जिले के धारचूला क्षेत्र के तल्ला दारमा घाटी स्थित ग्राम पंचायत उमचिया में मंगलवार दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश व गड़गड़ाहट ने भारी तबाही भी मचाई। नेहल गाड़ का जलस्तर खतरे के निशान को पार ही कर गया, जिससे गांव में जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया। क्षेत्र में 2 महत्वपूर्ण पुल बह गए, बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई और दर्जनों मकानों को खतरा भी उत्पन्न हो गया।
पुल बहने से क्षेत्र में संपर्क पूरी तरह टूटा
भारी बारिश के कारण:
- PMGYSY के तहत 2.13 करोड़ रुपये की लागत से बना 36 मीटर लंबा, 47 टन वजनी मोटर पुल नेहल गाड़ में ही बह गया।
- PWD का लकड़ी का पुल, जो तीजम व वतन तोक को जोड़ता था, भी बहाव में समा गया।
- इससे क्षेत्र का सड़क संपर्क पूरी तरह ठप ही हो गया है।
बाढ़ का कहर: परिवारों ने रात स्कूल व पोस्ट में बिताई
नेहल गाड़ के तेजी से बढ़ते जलस्तर व संभावित खतरे को देखते हुए 50 से अधिक परिवार अपने घर छोड़कर ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जैसे स्थानीय स्कूल व गोरखा रेजिमेंट पोस्ट में शरण लेने को भी मजबूर हो गए। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बिष्ट और लक्ष्मी ग्वाल ने बताया कि लोग रातभर डरे व जागते ही रहे।
भूस्खलन और बिजली व्यवस्था को भी नुकसान
- बिष्ट कॉलोनी में भूस्खलन के चलते 8 मकान खतरे की जद में भी आ गए हैं।
- 2 बिजली के खंभे बहने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित हो गई है।
प्रशासन सक्रिय, मौके पर भेजी गई टीम
एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर रवाना भी कर दिया गया है। टीम क्षति का आकलन कर रही है, ताकि राहत व पुनर्वास की कार्रवाई समय रहते शुरू भी की जा सके।