उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: शराब सेस की राशि अब बेसहारा बच्चों और निराश्रित महिलाओं की मदद में होगी इस्तेमाल
उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: आपदा में बेसहारा बच्चों व महिलाओं को मिलेगी शराब सेस की मदद
देहरादून : उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 6 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश में अंग्रेजी शराब पर लगाए गए सेस की 1 प्रतिशत राशि को आपदाओं या आकस्मिक दुर्घटनाओं में अनाथ, बेसहारा बच्चों, किशोरियों व कमजोर महिलाओं की मदद में खर्च करने का है।
इसके लिए मुख्यमंत्री महिला एवं बाल बहुउद्देशीय सहायता निधि नियमावली को मंजूरी भी दी गई है। इस निधि का उपयोग जरूरतमंदों को आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास व स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद देने में भी किया जाएगा।
तीन स्तरों पर सहायता प्रक्रिया होगी संचालित:
ब्लॉक स्तर: ₹5,000 तक की मदद, 15 दिन में निपटारा
जिला स्तर: ₹10,000 से ₹25,000 तक की मंजूरी
राज्य स्तर: ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता पर निर्णय
कैबिनेट के अन्य फैसले:
1. लोनिवि के 5 गेस्ट हाउस पीपीपी मोड पर
राज्य के पांच गेस्ट हाउस — रानीखेत, उत्तरकाशी, दुग्गलबिट्टा, हर्षिल व ऋषिकेश — को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) मोड पर संचालन की मंजूरी भी मिली है। भूमि का स्वामित्व लोनिवि के पास रहेगा जबकि यूआईआईडीबी गेस्ट हाउसों का मुद्रीकरण करेगा व ट्रांजेक्शन एडवाइजर की भूमिका निभाएगा। इससे गेस्ट हाउसों के रखरखाव में सुधार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
2. आसन नदी क्षेत्र में 5 निर्माण कार्यों को मंजूरी
कैबिनेट ने देहरादून की आसन नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र (भट्टा फॉल से आसन बैराज तक 53 किमी) में 5 निर्माण कार्यों को अनुमति दी है, जिसमें एसटीपी, रोपवे टावर, हाई टेंशन विद्युत ट्रांसमिशन टावर व एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के लिए आधारभूत संरचनाएं भी शामिल हैं।
3. अवैध खनन रोकने के लिए 18 नए पद
राज्य में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भूतत्व और खनिकर्म विभाग में 18 नए पद सृजित किए गए हैं। यह निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत लिया गया है, जो बागेश्वर जिले में अवैध खनन की शिकायतों पर भी आधारित थे।
4. जैव प्रौद्योगिकी परिषद में भर्ती नियमावली को मंजूरी
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद में पहले से सृजित 46 पदों के लिए अब भर्ती की नियमावली को भी मंजूरी मिल गई है। इन पदों पर अब एकल संवर्ग प्रणाली के तहत देहरादून सहित अन्य केंद्रों में भर्ती भी की जाएगी।
5. राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन
प्रदेश में चिकित्सा पाठ्यक्रमों के संचालन, मानकीकरण, प्रवेश प्रक्रियाओं व पंजीकरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख परिषद के गठन को हरी झंडी मिल गई है। यह परिषद उन पाठ्यक्रमों के लिए नियम तय करेगी, जो अभी तक किसी नियामक के अधीन भी नहीं हैं।
सीएम धामी सरकार के ये फैसले सामाजिक सरोकार, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को एक नई दिशा देने की ओर कदम हैं। शराब सेस का संवेदनशील उपयोग कर सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए एक राहत का नया रास्ता भी खोला है, वहीं पीपीपी मोड व नई परिषदों के गठन से प्रशासनिक दक्षता व पारदर्शिता को भी बल मिलेगा।