Big decision of Uttarakhand Cabinet: The amount of liquor cess will now be used to help helpless children and destitute women
देहरादून : उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर शासन ने आरक्षण से जुड़ा अहम आदेश भी जारी कर दिया है। इस आदेश के अनुसार एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग का आरक्षण कुल मिलाकर 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायतों में 3909 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित भी किए गए हैं।
शासनादेश के मुताबिक राज्य के 12 जिलों में साल 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत पदों पर आरक्षण भी किया जाएगा। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष, क्षेत्र पंचायत प्रमुख और ग्राम प्रधान पद भी शामिल हैं।
आरक्षण का वर्गवार विवरण
- जिला पंचायत अध्यक्ष:
- अनुसूचित जाति (SC): 2 पद
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 2 पद
- क्षेत्र पंचायत प्रमुख:
- अनुसूचित जनजाति (ST): 3 पद
- अनुसूचित जाति (SC): 18 पद
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 15 पद
- ग्राम पंचायत प्रधान:
- अनुसूचित जनजाति (ST): 226 पद
- अनुसूचित जाति (SC): 1467 पद
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 1250 पद
- महिलाओं के लिए आरक्षित कुल पद: 3909
आरक्षण प्रक्रिया की टाइमलाइन
| तिथि | कार्य |
|---|---|
| 11 जून | प्रधान पदों की संख्या का विवरण जारी |
| 13 जून | आरक्षण प्रस्तावों का अनंतिम प्रकाशन |
| 14-15 जून | आरक्षण पर आपत्तियां दर्ज करने की अवधि |
| 16-17 जून | जिलाधिकारियों द्वारा आपत्तियों का निस्तारण |
| 18 जून | आरक्षण प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन |
| 19 जून | प्रस्ताव निदेशालय, शासन और निर्वाचन आयोग को प्रेषित |
आरक्षण निर्धारण का फार्मूला
आरक्षण तय करने के लिए जातिवार जनसंख्या अनुपात के आधार पर फार्मूला भी अपनाया गया है। संबंधित वर्ग की जनसंख्या को कुल जनसंख्या से विभाजित कर, उसे कुल पदों की संख्या से गुणा कर आरक्षित पदों की संख्या भी तय की गई है।
राज्य सरकार के इस कदम को पंचायतों में सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा निर्णय भी माना जा रहा है। अंतिम प्रकाशन 18 जून को होगा, जिसके बाद आगामी पंचायत चुनावों के लिए आरक्षित पदों पर नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ भी होगी।
