फर्जी ‘अधिकारी’ का मैसेज आते ही जागा शक, दोस्तों ने तुरंत दर्ज कराई एफआईआर — ठगी का तरीका कर गया हैरान
आपदा प्रबंधन सचिव के नाम से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल, साइबर ठगों ने की ठगी की कोशिश – मुकदमा दर्ज
देहरादून: साइबर अपराधियों ने अब उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारी को भी अपने जाल में फंसाने की कोशिश की है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के नाम व तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई, जिसके जरिए ठगों ने उनके परिचितों को निशाना बनाने का प्रयास भी किया।
जैसे ही सचिव को इस बात की जानकारी भी मिली, उन्होंने तुरंत साइबर थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है।
❝फर्जी प्रोफाइल से दोस्तों से की गई पैसों की मांग❞
सचिव सुमन ने शिकायत में बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उनके फोटो, पदनाम व विभागीय विवरण का गलत तरीके से उपयोग करते हुए एक फेसबुक अकाउंट बनाया है। इसके माध्यम से वह उनके फेसबुक मित्रों को मैसेज भेजकर एक झांसा भी दे रहा है।
ठगों ने मैसेज में लिखा कि उनका एक “सीआरपीएफ अधिकारी परिचित” स्थानांतरित भी हो रहा है और वह फर्नीचर, रेफ्रिजरेटर, बेड और अन्य घरेलू सामान सस्ते दामों पर बेचना चाहता है। इसके बहाने ठग लोगों से उनका मोबाइल नंबर व अन्य व्यक्तिगत जानकारी जुटा रहे हैं।
दोस्तों ने भेजे स्क्रीनशॉट, 321 लोग जुड़े फर्जी प्रोफाइल से
सचिव ने बताया कि कई परिचितों ने उन्हें कॉल कर इस संदिग्ध गतिविधि की जानकारी भी दी और फर्जी प्रोफाइल से मिले मैसेजों के स्क्रीनशॉट भी भेजे। उन्होंने बताया कि इस फर्जी फेसबुक आईडी से अब तक 321 लोग भी जुड़ चुके हैं, जिससे साइबर ठगी की आशंका और भी बढ़ गई है।
जांच में जुटी पुलिस
शहर कोतवाल प्रदीप पंत ने बताया कि
सचिव की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर थाने की रिपोर्ट के आधार पर जांच भी जारी है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार भी किया जाए।
पहले भी हो चुके हैं अधिकारी निशाना
यह पहला मामला नहीं है जब साइबर ठगों ने वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया हो। इससे पहले भी उत्तराखंड के आईपीएस और आईएएस अधिकारियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी की कोशिशें भी की जा चुकी हैं।
पूर्व डीजीपी अशोक कुमार के नाम से भी एक बार फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे भी मांगे गए थे। उस मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी, लेकिन बाद के मामलों में ठगों को पकड़ने में पुलिस विफल रही है, जिससे उनके हौसले और बुलंद होते भी जा रहे हैं।
सावधानी जरूरी
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अपरिचित लिंक या मैसेज पर क्लिक न करें, और सोशल मीडिया पर किसी के नाम से संदिग्ध मांग या अनुरोध मिलने पर तुरंत संबंधित व्यक्ति से संपर्क भी करें। साथ ही ऐसी गतिविधियों की सूचना साइबर सेल को भी दें।