The political atmosphere in Uttarakhand heated up after Premchand Agarwal's resignation
देहरादून: कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में सियासी माहौल गर्मा गया है। मंत्री के इस्तीफे के बाद रविवार शाम यमुना कालोनी स्थित उनके आवास पर भारी संख्या में समर्थक जुट गए और सरकार से इस्तीफा नामंजूर करने की मांग भी की।
समर्थकों ने देर तक हंगामा करते हुए चक्का जाम और बाजार बंद करने का ऐलान किया, हालांकि इस प्रदर्शन की जिम्मेदारी किसी संगठन, पार्टी या जनप्रतिनिधि ने नहीं ली। आज सोमवार सुबह कई इलाकों में दुकानों को बंद भी रखा गया।
पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने इस बीच समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाता है, लेकिन राजनीति में ऐसी घटनाएं होती ही रहती हैं।
रात में हुई बातचीत के बाद प्रेमचंद अग्रवाल के आग्रह पर उनके समर्थकों ने चक्का जाम व बाजार बंद करने का निर्णय वापस ले लिया। इस दौरान देर रात तक पुलिस उनके आवास के बाहर भी तैनात रही।
इंटरनेट मीडिया पर भी प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं देखने को भी मिलीं। उनके समर्थन और विरोध दोनों में सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में संदेश व टिप्पणियां आईं। कुछ शरारती तत्वों द्वारा भड़काऊ संदेश भी फैलाए गए, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।
रविवार शाम को प्रेमचंद अग्रवाल के समर्थकों ने सरकार पर इस्तीफे का दबाव बनाने का आरोप लगाया और इसे मैदानी क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय भी करार दिया। हालांकि, इस्तीफा देने के बाद प्रेमचंद अग्रवाल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आज सोमवार को समर्थकों ने घंटाघर पर सुबह 11 बजे बंद के समर्थन में जुटने का आह्वान भी किया था।
