Uttarakhand High Court suggests, 25 years should be the age limit for driving high CC vehicles
देहरादून, 14 फरवरी 2025: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि 1000 सीसी से 2000 सीसी के वाहनों को चलाने के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 25 वर्ष निर्धारित की जाए। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की खंडपीठ ने ओवरस्पीडिंग से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ही दी।
ओवरस्पीडिंग से बढ़ रही दुर्घटनाएं
हाईकोर्ट ने तर्क दिया कि जिस प्रकार 16 वर्ष से 18 वर्ष के युवाओं के लिए 50 सीसी तक के वाहनों के संचालन की अनुमति दी गई है, ठीक वैसे ही 1000 सीसी से 2000 सीसी के वाहनों के लिए भी उम्र सीमा भी निर्धारित की जानी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने गढ़वाल क्षेत्र के आईजी ट्रैफिक को 20 फरवरी तक अदालत में पेश होने का आदेश भी दिया और पूछा कि क्या ओवरस्पीडिंग के लिए ऐसे सेंसर लगाए जा सकते हैं, जो वाहन चालक के परिवार और संबंधित थाना को घटना की सूचना को प्रदान कर सकें, ताकि थाने द्वारा चालान किया जा सके।
याचिका में क्या कहा गया?
अधिवक्ता ललित मिगलानी द्वारा दायर की गई जनहित याचिका में यह कहा गया कि 18 वर्ष से 25 वर्ष के युवा ओवरस्पीडिंग के कारण सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आजकल के वाहनों में कई तरह के फीचर्स भी होते हैं, जिनकी जानकारी युवाओं को नहीं होती। इसके अलावा, युवा स्पोर्ट मोड में वाहन भी चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। मिगलानी ने कहा कि पहाड़ी राज्य में संकरे और घुमावदार रास्तों पर स्पोर्ट मोड में वाहन चलाना खतरनाक भी है, और कई बार युवक शराब पीकर वाहन भी चलाते हैं।
राज्य सरकार से उम्र सीमा तय करने की अपील
याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार को 1000 सीसी से 2000 सीसी के वाहनों को चलाने के लिए 25 वर्ष की न्यूनतम उम्र तय करनी चाहिए, जैसे कि 16 वर्ष से 18 वर्ष के युवाओं के लिए 50 सीसी तक के वाहनों की सीमा निर्धारित की गई है।
कोर्ट का अगला कदम
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस पर 20 फरवरी तक सुझाव देने का आदेश भी दिया है, ताकि इस पर उचित निर्णय भी लिया जा सके।
