दिल्ली विधानसभा चुनाव: बीजेपी को मिल सकता है स्पष्ट बहुमत, मुख्यमंत्री पद के लिए कौन होगा चेहरा?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में शुरुआती रुझानों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बहुमत मिलते हुए दिखाई दे रहा है। अगर बीजेपी बहुमत हासिल करती है, तो सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि दिल्ली में सीएम का चेहरा कौन होगा?
बीजेपी ने हमेशा ही अपने सीएम के चेहरों के बारे में चौंकाने वाले फैसले किए हैं, लेकिन दिल्ली में क्या पार्टी यही रणनीति अपनाएगी, यह अभी तक साफ नहीं है। फिलहाल, राजनीतिक गलियारों में प्रवेश वर्मा, रमेश बिधूड़ी और दुष्यंत गौतम के नामों की चर्चा जोरों पर भी है।
प्रवेश वर्मा का नाम सीएम पद के लिए इसलिए प्रमुखता से लिया जा रहा है क्योंकि अगर वे जीतते हैं, तो इसका मतलब होगा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराया है। केजरीवाल आप पार्टी के केंद्र बिंदु हैं, और उन्हें हराने का मतलब मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश करना। इसके साथ ही, प्रवेश वर्मा जाट समुदाय से आते हैं, जिससे बीजेपी को दिल्ली और हरियाणा के जाट वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। प्रवेश वर्मा ने भी कहा था कि “दिल्ली के जाट नेता, भाई-बहन बीजेपी के साथ हैं, और दिल्ली का विकास केवल बीजेपी ही कर सकती है।”
रमेश बिधूड़ी का नाम भी इस दौड़ में प्रमुख है। कालकाजी से बीजेपी उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने केजरीवाल के सीएम पद के दावे का विरोध किया था। वे गुर्जर समुदाय से आते हैं और अपने समुदाय में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। हालांकि, उनके बयानों को लेकर पार्टी को आलोचना का सामना करना पड़ा, फिर भी बीजेपी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। दिल्ली चुनाव प्रचार के दौरान, रमेश बिधूड़ी अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहे थे।
दिल्ली के करोल बाग से भाजपा उम्मीदवार दुष्यंत कुमार गौतम को भी सीएम पद की दौड़ में शामिल किया जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दुष्यंत गौतम वह चेहरा हो सकते हैं जो भाजपा को चौंका सकता है। एससी वोटरों को ध्यान में रखते हुए और आगामी बिहार चुनावों को देखते हुए, भाजपा उन्हें सीएम पद का उम्मीदवार बना सकती है। इसके साथ ही, बीजेपी में एससी समुदाय से कोई सीएम नहीं है, तो दुष्यंत गौतम को उतार कर पार्टी एक सशक्त संकेत भी दे सकती है।
वरिष्ठ बीजेपी नेता विजेंदर गुप्ता का नाम भी सीएम पद के लिए चर्चा में है। वे दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते रहे हैं। 2020 के चुनाव में भाजपा को केवल 8 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार उनके प्रदर्शन से यह दिखाई दे रहा है कि पार्टी को बड़ी सफलता मिल सकती है। वे रोहिणी से लगातार आगे चल रहे हैं।
अगर बीजेपी बहुमत हासिल करती है, तो इन नेताओं में से कोई एक सीएम पद के लिए पार्टी का चेहरा बन सकता है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला चुनाव परिणाम के बाद ही लिया जाएगा।