वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का केंद्रीय बजट 2025: उत्तराखंड के लिए बड़े फायदे और राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में लगातार आठवें वर्ष केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया, जिसमें 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर आयकर छूट देने की घोषणा की, जिससे उत्तराखंड में नौकरीपेशा लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस फैसले से राज्य के वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत मिली है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में लगातार 8वें वर्ष केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया, जिसमें एक अहम घोषणा ने उत्तराखंड में नौकरीपेशा लोगों के चेहरे पर खुशी ला दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अब 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर आयकर नहीं लिया जाएगा। इस फैसले से राज्य के वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत भी मिली है।

उत्तराखंड राज्य के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने आवास पर बजट की चर्चा करते हुए इस निर्णय को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि नए टैक्स स्लैब से मध्यम वर्ग को फायदा भी होगा और यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद करेगा। 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर ना लगे, और अगर स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ा जाता है तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी सौगात है। उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ट्वीट किया, “यह निर्णय न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि लोगों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव भी लाएगा।”

उत्तराखंड को मिलेगा पर्यटन और विकास में लाभ

केंद्रीय बजट में 50 नए पर्यटन स्थलों के विकास की योजना बनाई गई है, जो उत्तराखंड के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। उत्तराखंड में रामायण सर्किट, महाभारत सर्किट, शारदा कॉरिडोर और मानसखंड केदार खंड जैसी योजनाएं पहले से पाइपलाइन में हैं, और इन योजनाओं से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा, “यह कदम राज्य के आम और मध्यम वर्ग को राहत देगा और पर्यटन क्षेत्र को सशक्त भी बनाएगा।”

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने होम स्टे के लिए मुद्रा लोन का प्रावधान किया है, जो राज्य की महिलाओं और बहनों को आत्मनिर्भर बनने में मदद भी करेगा। उत्तराखंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना पहले से चल रही है, और अब केंद्र के इस कदम से राज्य में इस क्षेत्र में और वृद्धि देखने को भी मिलेगी।

अवसरों की नई दिशा: उड़ान योजना और जल जीवन मिशन

उड़ान योजना के तहत 120 नए एयरपोर्ट जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे उत्तराखंड में गोचर, गढ़वाल व कुमाऊं में स्थित एयरपोर्ट्स को विकास का मौका मिलेगा। वहीं, जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया है, जिससे राज्य के अधिकतर क्षेत्र को पाइपलाइन जल आपूर्ति मिलने की उम्मीद भी है।

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2025-26 ने उत्तराखंड के विकास के लिए कई बड़े मौके खोले हैं, जो राज्य के लोगों के लिए आर्थिक और सामाजिक समृद्धि की दिशा में अहम कदम साबित होंगे।