ऋषिकेश में उत्तराखंड का पहला कांच वाला बजरंग सेतु तैयार होने को तैयार, जनवरी तक शुरू हो सकती है आवाजाही
ऋषिकेश: उत्तराखंड की धरती पर पर्यटन को नया आकर्षण भी मिलने वाला है। राज्य का पहला कांच वाला बजरंग सेतु लगभग तैयार ही हो चुका है। निर्माण का मात्र 10 फीसदी काम ही शेष रह गया है और अनुमान है कि जनवरी माह से इस पर आम लोगों की आवाजाही भी शुरू हो जाएगी।
सतपाल महाराज ने किया स्थलीय निरीक्षण
शुक्रवार को प्रदेश के लोक निर्माण व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने टिहरी जिले के नरेन्द्रनगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन बजरंग सेतु का निरीक्षण भी किया। यह सेतु सन 1929 में बने लक्ष्मणझूला के समीप तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 68.86 करोड़ रुपये की लागत से भी बनाया जा रहा है।
132.30 मीटर स्पान वाले इस सेतु पर दोनों ओर पेंटिंग का काम भी अंतिम चरण में है। मंत्री ने कहा कि जल्दी ही यह सेतु लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी आवागमन में एक बड़ी राहत मिलेगी।
तपोवन क्षेत्र में घाट और आस्था पथ का भी होगा विकास
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने SASCI 2024-25 के तहत बन रहे सच्चाधाम घाट (गऊ घाट) और आस्था पथ के कार्यों का जायजा भी लिया।
- 100 मीटर लंबा व 18 मीटर चौड़ा घाट बनेगा।
- 300 मीटर लंबा व 7 मीटर चौड़ा आस्था पथ तैयार किया जाएगा।
- श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, बेंच, रेलिंग व प्रकाश व्यवस्था आदि की भी व्यवस्था होगी।
- घाट तक पहुँचने के लिए अप्रोच रोड व अन्य सौंदर्यीकरण कार्य भी किए जाएंगे।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सतपाल महाराज ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी मानक नजरअंदाज नहीं होना चाहिए।