उत्तराखंड पंचायत चुनाव: पहले चरण के प्रचार का शोर आज शाम होगा बंद, दूरस्थ क्षेत्रों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना
देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। 24 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले आज मंगलवार शाम 5 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह थम भी जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी केवल डोर-टू-डोर ही प्रचार कर सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार पर रोक भी लग जाएगी। बीते सोमवार को सबसे दुर्गम क्षेत्रों के लिए 8 पोलिंग पार्टियां पहले ही रवाना कर दी गईं।
तीन श्रेणियों में बांटी गई पोलिंग पार्टियां
राज्य निर्वाचन आयोग ने पैदल दूरी के आधार पर पोलिंग पार्टियों को 3 श्रेणियों में वर्गीकृत भी किया है।
- पहली श्रेणी में 10 किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी तय करने वाली पोलिंग पार्टियां भी शामिल हैं। इनमें पिथौरागढ़ जनपद के मुनस्यारी विकासखंड की 3 और चमोली जिले के जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) क्षेत्र की 5 पोलिंग पार्टियां शामिल हैं, जिन्हें सोमवार को रवाना कर दिया गया। ये सभी टीमें 23 जुलाई तक अपने गंतव्य पर पहुंच भी जाएंगी।
- दूसरी श्रेणी में 5 से 10 किलोमीटर पैदल दूरी की पोलिंग पार्टियां हैं, जिन्हें आज मंगलवार को रवाना किया जाएगा।
- तीसरी श्रेणी में 0 से 5 किलोमीटर पैदल दूरी वाली पोलिंग पार्टियां बुधवार को अपने मतदान केंद्रों की ओर जायगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राहुल गोयल ने बताया कि सभी पोलिंग पार्टियों की यात्रा व पहुंच की निगरानी लगातार की जा रही है। साथ ही चुनाव प्रेक्षक भी मतदान से दो दिन पहले अपने क्षेत्रों में तैनात भी हो जाएंगे।
मानसून और आपदा से बचाव के विशेष प्रबंध
वर्तमान मौसमीय परिस्थितियों और संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए पोलिंग पार्टियों को आवश्यक सुरक्षा सामग्री के साथ ही भेजा जा रहा है। सचिव राहुल गोयल ने बताया कि उन्हें छाता, बरसाती, प्राथमिक दवाएं, टॉर्च, छड़ी व सूखा राशन आदि उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी मार्गों की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा भी जा सके।
उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में मतदान सामग्री की सुरक्षित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की तैयारियां भी तेज़ हैं। चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो, इसके लिए आयोग व जिला प्रशासन पूरी सतर्कता भी बरत रहा है।