रामनगर में कोसी नदी खनन को लेकर हंगामा, 10 टायरा वाहनों की अनुमति पर ट्रांसपोर्टरों का विरोध

रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में कोसी नदी में चल रहे खनन कार्य को लेकर एक बार फिर विवाद भी तेज हो गया है। खनन कारोबार से जुड़े सैकड़ों वाहन स्वामी, ट्रांसपोर्टर व ग्रामीण तराई पश्चिमी वन प्रभाग कार्यालय पहुंचे और कोसी नदी में 10 टायरा वाहनों को अनुमति दिए जाने का कड़ा विरोध भी दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों ने डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि जुड़वा क्षेत्र में कीमती पेड़ों का अवैध कटान कर जंगल के बीच नया रास्ता भी बनाया गया है, जो नियमों के खिलाफ है। उनका कहना है कि इस अवैध मार्ग से भारी वाहनों का संचालन न केवल जंगल को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि जंगली जानवरों की आवाजाही भी बाधित हो रही है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ गया है।

खनन कारोबारियों व ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के जरिए सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही बंद किए गए रास्तों पर बिना रॉयल्टी वाले वाहनों से प्रति वाहन अवैध वसूली भी किए जाने की शिकायत भी की गई है। भारी वाहनों की आवाजाही से खेतों और फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कहते हुए किसानों ने नाराजगी भी जताई।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि खनन सामग्री का परिवहन पूर्व में निर्धारित वैध मार्ग से ही कराया जाए और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

वहीं डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने कहा कि खनन को लेकर नियमों में यह स्पष्ट नहीं है कि कौन से वाहन प्रतिबंधित भी हैं। उनके अनुसार 10 टायरा वाहनों पर नियमों में किसी तरह की रोक का प्रावधान ही नहीं है।