खानपुर विधायक उमेश कुमार और प्रणव सिंह चैंपियन के बीच फिर छिड़ी जंग! इस बार सिडकुल श्रेय को लेकर तकरार
खानपुर सिडकुल को लेकर चैंपियन और उमेश कुमार के बीच जुबानी जंग, चैंपियन ने CM धामी को बताया असली विधायक
खानपुर में प्रस्तावित सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र के श्रेय को लेकर पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन और खानपुर विधायक उमेश कुमार के बीच तकरार जारी ही है। इस बार, चैंपियन ने बिना नाम लिए उमेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ही खानपुर के असली विधायक हैं, न कि मौजूदा विधायक उमेश कुमार।
मुख्यमंत्री को बताया असली विधायक
चैंपियन ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “खानपुर विधायक खुद को क्षेत्र का प्रतिनिधि मानते हैं, लेकिन असल में मुख्यमंत्री ही इस क्षेत्र के असली विधायक हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 6 सालों के कठिन संघर्ष के बाद खानपुर में सिडकुल की शुरुआत हुई थी और 7 जनवरी 2022 को उन्होंने सिडकुल के शासनादेश को लागू करवाया था।
जनता ने नकारा उमेश कुमार को
चैंपियन ने दावा किया कि खानपुर के वर्तमान विधायक उमेश कुमार को जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पूरी तरह से नकार दिया है। “2022 विधानसभा चुनाव में उमेश कुमार को 38 हजार वोट मिले थे, लेकिन 2024 में उनकी वोट संख्या घटकर केवल 16 हजार रह गई, जिससे साबित होता है कि जनता ने उन्हें पूरी तरह से रिजेक्ट भी कर दिया है,” चैंपियन ने कहा।
उमेश कुमार का जवाब
इन आरोपों का जवाब देते हुए विधायक उमेश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सिडकुल और उप-जिला अस्पताल खानपुर में ही लगेगा, खानपुर का विकास कोई रोक नहीं सकता। मुख्यमंत्री का आभार कि उन्होंने दोनों योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति दी।”
2022 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुई तनातनी
यह विवाद 2022 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ था, जब उमेश कुमार ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी और चैंपियन की पत्नी देवयानी सिंह बीजेपी के टिकट पर चुनाव हार गई थीं। इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तनाव भी बना हुआ था।
26 जनवरी को हिंसक घटना
यह राजनीतिक रंजिश 26 जनवरी 2025 को हिंसक रूप ले ली, जब उमेश कुमार अपने समर्थकों के साथ चैंपियन के आवास पर पहुंचे और हंगामा किया। अगले दिन, चैंपियन और उनके समर्थक उमेश कुमार के कार्यालय पहुंचे और वहां फायरिंग की। इस घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज किया। चैंपियन को देहरादून से गिरफ्तार किया गया और 51 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा, जबकि उमेश कुमार को कोर्ट से जमानत मिल गई।
खानपुर की राजनीति में यह तनातनी अब भी गर्म बनी हुई है और दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी ही है।