बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी पर होगी तय

बदरीनाथ,  अगामी विजयदशमी (2 अक्टूबर) के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान किया जाएगा। परंपरा के अनुसार, हर वर्ष दशहरे के दिन ही कपाट बंद होने की तिथि तय की जाती है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एक भव्य धार्मिक आयोजन आयोजित किया जाएगा, जिसमें वेदपाठी, धर्माधिकारी और मंदिर समिति के पदाधिकारी शामिल होंगे।

 धार्मिक परंपराओं के अनुसार होगा कार्यक्रम

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि दोपहर बाद होने वाले धार्मिक समारोह में:

  • धाम के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की जाएगी।

  • उद्धव जी और कुबेर जी के पांडुकेश्वर प्रस्थान का मुहूर्त तय होगा।

  • आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी एवं भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ जी के ज्योतिर्मठ (नृसिंह मंदिर) गद्दी स्थल प्रस्थान का कार्यक्रम भी तय किया जाएगा।

मुख्य पुजारी रावल जी की उपस्थिति में, पंचांग गणना के आधार पर यह सभी निर्णय लिए जाएंगे।

 2026 यात्रा की तैयारियाँ भी शुरू

इस अवसर पर अगले वर्ष 2026 में होने वाली चारधाम यात्रा के लिए भी तैयारियाँ प्रारंभ की जाएंगी। भंडार सेवा हेतु परंपरागत पगड़ी भेंट की जाएगी, जो यात्रा के लिए शुभ संकेत माना जाता है।

 धार्मिक आस्था का प्रतीक

बदरीनाथ धाम उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का एक प्रमुख केंद्र है। कपाट बंद होने की प्रक्रिया धार्मिक अनुशासन, ज्योतिषीय गणना और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार सम्पन्न होती है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर शामिल होकर धाम के अंतिम दर्शन करते हैं।

2 अक्टूबर को विजयदशमी के पावन अवसर पर बदरीनाथ धाम में होने वाला यह धार्मिक आयोजन, धार्मिक परंपरा, श्रद्धा और भविष्य की तैयारियों का संगम होगा। कपाट बंद होने की तिथि के साथ-साथ 2026 की यात्रा की दिशा भी तय होगी।