जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर त्रैमासिक बैठक
सरकार प्रशासन को है सैनिकों के बलिदान का गहरा एहसासः डीएम वीर माताओं, वीरांगनाओं को अब नही करनी होगी बैंकों की परिक्रमा पिछले दो दशकों से जिले में वीर माताओं, वीरांगनाओं को प्रत्येक तीन माह पेंशन सत्यापन से डीएम ने ऑन स्पॉट राहत, अब सत्यापन वर्ष में एक बार ही सैनिकों, आश्रितों, वीर माताओं, वीरांगनाओं की समस्याओं के समाधान हेतु डीएम हैं प्रतिबद्ध एयरपोर्ट पर सैनिकों के विश्रामगृह किया जाएगा संस्तुत वीरांगना के साथ घटि भूमि फ्रॉड के बाबत सैनिक कल्याण अधिकारी को तत्काल एसएसपी आफिस रवाना किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला सैनिक परिषद की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सैनिक हमारे राज्य की शान हैं और प्रशासन को उनके बलिदान का गहरा एहसास है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सैनिकों की समस्याओं का हरसंभव समाधान किया जाए। सरकार और प्रशासन निरंतर इस दिशा में निर्णय लेते आ रहे हैं।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सैनिकों, उनके आश्रितों, वीर माताओं और वीरांगनाओं की समस्याओं का समाधान हर स्तर पर किया जाएगा। जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें तुरंत निपटाया जाएगा, जबकि जिन पर शासन से निर्णय लेना है, उनके लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा।
वीर माताओं और वीरांगनाओं के पेंशन सत्यापन की बार-बार होने वाली प्रक्रिया के बारे में डीएम ने कहा कि इसे अब हर 3 महीने में होने के बजाय, वर्ष में एक बार सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
सैनिकों द्वारा एयरपोर्ट पर विश्रामगृह की मांग को लेकर जिलाधिकारी ने शासन को पत्राचार करने की बात कही। वहीं, वीरांगनाओं के साथ हुए भूमि फ्रॉड के मामले में सैनिक कल्याण अधिकारी को तत्काल एसएसपी कार्यालय भेजने के निर्देश दिए और इस मामले में संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा।
बैठक में सैनिकों के पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, रोजगार, पुनर्वास और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सैनिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने का आश्वासन दिया।