मसूरी में कश्मीरी फेरीवालों से अभद्रता पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, तीन आरोपी हिरासत में, 16 ने छोड़ा शहर

देहरादून/मसूरी:  मसूरी में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं से मारपीट व धमकी देने की घटना पर पुलिस ने तेजी से संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई भी की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान भी किया है। वहीं, घटना के बाद 16 कश्मीरी फेरीवालों ने मसूरी ही छोड़ दी है।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ युवकों को मसूरी के माल रोड पर एक कश्मीरी फेरीवाले से अभद्र व्यवहार करते व धमकाते देखा गया। आरोपी युवकों ने कथित तौर पर कश्मीरी व्यापारियों को “कश्मीर लौट जाने” के लिए मजबूर भी किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने स्वयं कार्रवाई की निगरानी भी की।

पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कश्मीरी मूल के सभी नागरिकों को राज्य में वैध रूप से व्यापार करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “यदि कोई उन्हें डराता या धमकाता है तो पुलिस सख्त कार्रवाई भी करेगी।” उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई है। मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में जहां कश्मीरी व्यापारी निवास कर रहे हैं, वहां पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है।

पुलिस को जानकारी मिली थी कि 16 कश्मीरी व्यापारियों ने डर के चलते मसूरी ही छोड़ दिया है। जांच में इनमें से 2 के संपर्क नंबर मिले, जिनसे स्वयं एसएसपी ने बात कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन भी दिया।

“दून पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं”: रफीक शाह

भाजपा कुपवाड़ा जिलाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर पहाड़ी एथनिक ट्राइबल मूवमेंट के चेयरमैन सैयद मोहम्मद रफीक शाह ने देहरादून पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की है। उन्होंने कहा, “भारत विविधताओं में एकता का देश है, जिसे कोई बाहरी ताकत बांट नहीं सकती।” उन्होंने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है।

अब बाहरी व्यापारियों को अनिवार्य होगा गृह राज्य से सत्यापन

चारधाम यात्रा और गर्मी के सीजन को देखते हुए देहरादून पुलिस ने नया आदेश भी जारी किया है। अब उत्तराखंड में व्यापार या निवास के लिए आने वाले बाहरी राज्यों के नागरिकों को अपने गृह राज्य से सत्यापन कराकर लाना भी अनिवार्य होगा। बिना सत्यापन के पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश हालिया घटनाओं को देखते हुए ही जारी किया गया है और इसका उद्देश्य राज्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाना भी है। सत्यापन अभियान भी शुरू कर दिया गया है, जो चारधाम यात्रा के दौरान विशेष रूप से सक्रिय भी रहेगा।