मसूरी में धंसा राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए, अवैध खनन से सड़क की नींव कमजोर होने की आशंका

देहरादून जिले के मसूरी में भू-माफियाओं के बढ़ते हौसलों ने इस बार राष्ट्रीय संपत्ति को ही निशाना भी बना दिया। वाल्मीकि मंदिर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए का एक बड़ा हिस्सा अचानक ही धंस गया, जिससे मसूरी से कैंपटी, उत्तरकाशी व चारधाम जाने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर अवैध खनन को हादसे की मुख्य वजह भी माना जा रहा है।

घटना के बाद प्रशासन, पुलिस व राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा भी लिया। बताया जा रहा है कि जेसीबी मशीनों से पहाड़ काटकर सड़क के नीचे तक खुदाई भी कर दी गई थी, जिससे सड़क की आधारशिला कमजोर भी हो गई। गुरुवार शाम अचानक सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।

चारधाम यात्रा और अकादमी का रास्ता प्रभावित

यह मार्ग चारधाम यात्रा के साथ-साथ लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी व कैंपटी फॉल तक जाने का मुख्य रास्ता है। सड़क बंद होने से पर्यटकों, श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल छोटे वाहनों को मोतीलाल नेहरू मार्ग व बड़े वाहनों को हाथीपांव रोड से डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क के पुनर्निर्माण में करीब 20 से 25 दिन का समय भी लग सकता है।

बिना अनुमति चल रहा था खनन

खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित क्षेत्र में किसी प्रकार की खनन अनुमति ही जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर खुदाई भी की गई। जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर पहाड़ भी काटा गया, वहां आवासीय नक्शा भी पास हुआ था, लेकिन जिस स्तर पर खुदाई हुई है, उससे आशंका भी जताई जा रही है कि भविष्य में कोई बड़ा व्यावसायिक निर्माण प्रस्तावित भी हो सकता है।

प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट, कार्रवाई के संकेत

नायब तहसीलदार उपेंद्र सिंह राणा ने बताया कि

खनन विभाग, एमडीडीए व राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क की नींव को नुकसान पहुंचाना बेहद गंभीर मामला भी है और पूरे प्रकरण की गहन जांच भी की जा रही है।

मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि

निजी स्वार्थ के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण सड़क को क्षतिग्रस्त किया जाना बेहद चिंताजनक भी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए।

वहीं एसडीएम राहुल आनंद ने सभी विभागों से रिपोर्ट तलब करते हुए स्पष्ट किया कि यदि नियमों के विरुद्ध कोई भी कार्य पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हर हाल में ही की जाएगी।

तंत्र पर उठे सवाल, भू-माफियाओं की बढ़ती सक्रियता

इस घटना ने पहाड़ों में सक्रिय भू-माफियाओं के नेटवर्क व प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन हो रहा था, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई ही नहीं की गई।

चारधाम यात्रा के लिहाज से अहम इस मार्ग के बंद होने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर असर पड़ने की आशंका भी है। यह सड़क मसूरी की लाइफलाइन मानी जाती है और हर वर्ष लाखों पर्यटक इसी मार्ग से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की यात्रा करते हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग का धंसना आने वाले समय के लिए गंभीर चेतावनी भी माना जा रहा है।