मंडी समिति सचिव 1.20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, दुकानदारों से लाइसेंस रिन्यूवल के नाम पर वसूली का आरोप

हल्द्वानी की फल-सब्जी मंडी समिति में रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। कृषि उत्पादन मंडी समिति के प्रभारी सचिव पूरन सिंह सैनी को विजिलेंस टीम ने 1.20 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार भी कर लिया है। सैनी पर 2 दुकानदारों से लाइसेंस रिन्यूवल के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप है, जबकि विभागीय फीस मात्र ₹250 ही है।

शिकायत पर कार्रवाई, विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ पकड़ा

ग्राम सरवरखेड़ा निवासी शफायत चौधरी व शकील चौधरी, जो मंडी में पिछले 9-10 वर्षों से दुकान भी चला रहे हैं, ने लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए आवेदन भी किया था। दोनों का आरोप है कि प्रभारी सचिव पूरन सिंह सैनी ने प्रत्येक से ₹60,000 की मांग की, जबकि वास्तविक रिन्यूवल फीस ₹250 ही है।

बात न बनने पर दोनों ने 1064 भ्रष्टाचार हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज कराई। शिकायत के बाद मंगलवार शाम 4:30 बजे विजिलेंस टीम हल्द्वानी से मंडी समिति कार्यालय पहुंची और सैनी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार भी कर लिया।

मंडी परिसर में हड़कंप

जैसे ही सैनी की गिरफ्तारी की खबर फैली, मंडी परिसर में हड़कंप ही मच गया। बड़ी संख्या में आढ़ती व कर्मचारी कार्यालय के बाहर जमा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समिति कार्यालय को भी घेर लिया और किसी को अंदर नहीं जाने दिया। विजिलेंस की टीम देर रात तक प्रभारी सचिव से पूछताछ भी करती रही।

पुराना रिकॉर्ड भी रहा विवादों में

सूत्रों के अनुसार, पूरन सिंह सैनी अगले 7-8 महीनों में ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं और उन्होंने करीब 2 माह पहले ही प्रभारी सचिव का कार्यभार भी संभाला था। इससे पहले वे करीब 15-20 वर्षों तक समिति में अकाउंटेंट के पद पर ही तैनात थे। दुकानदारों का आरोप है कि उस दौरान भी वे बिना रिश्वत के कोई कार्य नहीं करते थे और कई बार उनके खिलाफ शिकायतें भी की गईं, लेकिन कार्रवाई ही नहीं हुई।

मंडी में चल रहा था खुला भ्रष्टाचार

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार,

फल मंडी में लाइसेंस रिन्यू कराने के नाम पर ₹60,000 तक की रिश्वत भी ली जा रही थी, जबकि अनाज मंडी में यह राशि ₹35,000 तक ही थी। दुकानदारों ने बताया कि लगभग 30 दुकानों के लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया भी चल रही थी, और सैनी खुलेआम रकम वसूल भी रहे थे।

टीम अब सैनी से रिश्वत के नेटवर्क, लेनदेन व अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।