वन्यजीव अंगों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई — विकासनगर से दो तस्कर गिरफ्तार, भालू का पित्त और जंगली जानवरों के नाखून बरामद

देशभर में वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर उत्तराखंड एसटीएफ ने सख्त अभियान भी चलाया है। इसी क्रम में एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में बुधवार को विकासनगर क्षेत्र से 2 तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता भी हासिल की गई। टीम ने उनके कब्जे से 155 ग्राम भालू का पित्त व जंगली जानवरों के 5 नाखून भी बरामद किए हैं।

एसटीएफ को मैन्युअली मिली सूचना के आधार पर टीम ने स्थानीय सूत्रों की मदद से जाल बिछाया। यमुनोत्री मार्ग पर हत्यारी गांव से पहले मोटरसाइकिल से आते 2 संदिग्धों को भी रोका गया। पूछताछ में उनकी पहचान भगवान सिंह रावत व जितेंद्र सिंह पुंडीर के रूप में भी हुई। तलाशी में भगवान सिंह से भालू का पित्त व जितेंद्र सिंह से जंगली जानवरों के नाखून भी बरामद हुए।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि भालू का पित्त व वन्यजीवों के अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में आते हैं और इनका शिकार या व्यापार करना गंभीर अपराध भी है। गिरफ्तार दोनों तस्करों के खिलाफ विकासनगर थाने में वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर एसटीएफ मामले की गहन जांच भी कर रही है। यदि किसी और व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही वन विभाग से भी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

एसएसपी ने जनता से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि वन्यजीवों की तस्करी से जुड़ी गतिविधि देखे, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या उत्तराखंड एसटीएफ (0135-2656202) को सूचित भी करें। उन्होंने कहा कि एसटीएफ आगे भी ऐसे तस्करों के खिलाफ अभियान तेज रखेगी, ताकि निर्दोष वन्यजीवों की रक्षा सुनिश्चित भी की जा सके।