एलयूसीसी ठगी के शिकार लोगों के लिए बनाया जाएगा एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल, शिकायतें और दावा दर्ज होंगे

देहरादून: एलयूसीसी कंपनी में ठगी के शिकार लोगों के लिए अब एक अलग व एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जाएगा। इस पोर्टल के माध्यम से पीड़ित अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और दावा प्रस्तुत भी कर सकेंगे। इस संबंध में सीबीआई ने 14 जनवरी को शासन को पत्र भी लिखा था, जिसके बाद सचिव दिलीप जावलकर ने सहकारिता विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित भी किया है।

गौरतलब है कि चिटफंड कंपनी एलयूसीसी ने प्रदेश के कई जिलों में शाखाएं खोली थीं और सैकड़ों एजेंट बनाकर लोगों से निवेश भी कराया। छोटे-छोटे निवेशकों ने अपनी बचत, आरडी व एफडी के रूप में कंपनी में पैसा भी जमा किया। जून 2024 में पता चला कि कंपनी के कार्यालय ही बंद होने लगे हैं।

लोगों ने एजेंटों पर दबाव डाला, लेकिन कोई समाधान ही नहीं निकला। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार कोतवाली में एक महिला की शिकायत पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई। इसके बाद विभिन्न जिलों में कुल 18 मामले दर्ज किए गए, जिनमें ठगी की रकम सैकड़ों करोड़ रुपये भी बताई गई। पुलिस ने प्रकरण की जांच सीआईडी को सौंपी, जिसने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल भी किया।

एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की, जिस पर न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश भी दिया। इसके बाद सीबीआई ने 27 नवंबर को देहरादून शाखा में एफआईआर दर्ज की, जिसमें कोटद्वार की एफआईआर को आधार भी बनाया गया और बाकी 17 एफआईआर इसमें जोड़ भी दी गईं। अब तक की जांच में सामने आया है कि कंपनी ने लगभग 1.5 लाख लोगों को निवेश के नाम पर ठगा, जबकि ठगी की कुल रकम करीब 800 करोड़ रुपये भी बताई जा रही है।

सीबीआई ने शासन को पत्र लिखकर कहा कि पीड़ितों से संपर्क और शिकायतों के निपटान के लिए एक एकीकृत मंच होना भी आवश्यक है। जल्द ही शासन के निर्देश पर इस पोर्टल (वेबसाइट) की शुरुआत भी कर दी जाएगी, जिससे पीड़ित आसानी से शिकायत दर्ज कर सकेंगे और अपने दावे पेश भी कर सकेंगे।