सिंद्रवाणी में गुलदार पिंजरे में कैद, वन विभाग को बड़ी कामयाबी; जांच के बाद होगी आदमखोर होने की पुष्टि

अगस्त्यमुनि विकासखंड के सिंद्रवाणी क्षेत्र में बीते गुरुवार देर रात वन विभाग को बड़ी सफलता भी मिली। कई दिनों की कड़ी निगरानी व प्रयासों के बाद जंगल की ओर घर से करीब 500 मीटर दूर लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद भी हो गया। पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम तड़के सुबह अंधेरे में ही उसे मुख्यालय स्थित विभागीय कार्यालय ले आई, जहां फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसकी मेडिकल जांच भी कर रही है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जांच व फॉरेंसिक परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पकड़ा गया गुलदार वही है या नहीं, जिसने हाल ही में क्षेत्र में बच्चे पर हमला भी किया था और वह आदमखोर था या नहीं। फिलहाल एहतियात के तौर पर विभाग की कई टीमें अभी भी सिंद्रवाणी गांव में तैनात हैं और लगातार गश्त भी जारी रखे हुए हैं।

मंगलवार को सिंद्रवाणी गांव में गुलदार ने 5 वर्षीय दक्ष पर हमला कर उसे मार डाला था, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल भी बन गया था। घटना के बाद से करीब 30 वनकर्मी गांव की सुरक्षा में भी जुटे हुए थे। गुलदार को पकड़ने के लिए क्षेत्र में 5 पिंजरे लगाए गए थे, साथ ही 2 ड्रोन कैमरों व ट्रैप कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही थी।

बुधवार की रात भी वनकर्मी ऊंची मचानों पर ट्रेंकुलाइजर गन के साथ तैनात भी रहे और गुलदार के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन उस दिन कोई सफलता ही नहीं मिली। आखिरकार गुरुवार देर रात ककोड़ाखाल तिराहे के पास जंगल की ओर लगाए गए पिंजरे में गुलदार कैद भी हो गया।

एसडीओ देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि पकड़े गए गुलदार को सुरक्षित रूप से मुख्यालय में लाया गया है, जहां उसका मेडिकल व फॉरेंसिक परीक्षण किया जा रहा है। जांच के बाद ही उसके आदमखोर होने की पुष्टि भी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इलाके में अब भी गश्त जारी है और वन विभाग की टीमें लोगों की सुरक्षा के लिए मौके पर ही तैनात हैं।