कांवड़ यात्रा और मेला 11 जुलाई से: हुड़दंगियों पर सख्ती, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध

देहरादून: आगामी 11 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेला व यात्रा के दौरान उत्तराखंड सरकार ने सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस दौरान उत्पातियों व हुड़दंगियों से सख्ती से ही निपटा जाएगा, वहीं बड़े डीजे के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध भी रहेगा।

सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और यात्रा के सुरक्षित, सुगम व व्यवस्थित संचालन के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल, शौचालय, सफाई व पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई लापरवाही नहीं चलेगी, और चूक करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

साफ निर्देश सभी विभागों को:

  • नगर निकायों को सफाई, शौचालय व पार्किंग की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
  • जल संस्थान को निर्बाध पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश भी मिले।
  • खाद्य सुरक्षा विभाग को खाने-पीने की चीज़ों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी का भी आदेश।
  • खाद्य आपूर्ति विभाग को खाद्य वस्तुओं की नियंत्रित दरों से अधिक कीमत पर बिक्री रोकने का जिम्मा भी सौंपा गया।

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि नशे में उत्पात मचाने वाले और हिंसक प्रवृत्ति के तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई विभाग को स्नान घाटों और पुलों की साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए।

विस्तृत सुरक्षा व यातायात योजना

बैठक में हरिद्वार के डीएम व एसएसपी ने कांवड़ यात्रा के लिए तैयार यातायात प्रबंधन, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण व सुरक्षा व्यवस्था पर एक प्रेजेंटेशन दिया। बताया गया कि कांवड़ मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में भी बांटा गया है। वाहनों के लिए स्थायी व अस्थायी पार्किंग और रूट डाइवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है।

मेला का कार्यक्रम

  • कांवड़ मेला: 11 जुलाई से 23 जुलाई
  • पंचक अवधि: 13 से 17 जुलाई
  • डाक कांवड़: 20 से 23 जुलाई
  • जलाभिषेक (श्रावण शिवरात्रि): 23 जुलाई

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे समय रहते कार्यदायी संस्थाओं की बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी करें ताकि इस भव्य धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न भी कराया जा सके।