इज्जतनगर रेल मंडल को जल्द मिल सकती हैं दो वंदे भारत एक्सप्रेस, टनकपुर-दिल्ली रूट पर भी बढ़ी संभावनाएं

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर भी है। इज्जतनगर रेल मंडल को जल्द ही दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की सौगात भी मिल सकती है। इन ट्रेनों में से एक रामनगर-आगरा के बीच चलाई जा सकती है, जिसकी तैयारियां पहले से जारी भी हैं। वहीं, टनकपुर-दिल्ली रूट पर भी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की संभावनाएं प्रबल भी हो गई हैं।

इस सिलसिले में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी की सक्रिय भूमिका रही है। हाल ही में उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर टनकपुर-दिल्ली रूट पर वंदे भारत के संचालन की मांग भी की थी।

कुमाऊं मंडल को पहली वंदे भारत का इंतजार

अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन देहरादून से दिल्ली व देहरादून से लखनऊ के बीच ही सीमित रहा है। लेकिन कुमाऊं मंडल अब तक इस सुविधा से वंचित भी है। इस क्षेत्र के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने की लंबे समय से मांग भी की जा रही थी। सीएम की पैरवी के बाद अब इस दिशा में ठोस पहल भी शुरू हो गई है।

रेलवे अधिकारियों की बैठक में बनी रणनीति

मई माह के पहले सप्ताह में उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने मुरादाबाद और इज्जतनगर मंडल के डीआरएम समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, वर्ष के अंत तक कम से कम एक वंदे भारत रूट पर संचालन भी शुरू करने की योजना है।

इन रूटों पर हो रहा है अध्ययन

इज्जतनगर रेल मंडल और रेलवे बोर्ड ने जिन रूटों पर वंदे भारत के संचालन की संभावना तलाशी है, वे इस प्रकार हैं:

  • लालकुआं–दिल्ली
  • लालकुआं–कानपुर
  • रामनगर–आगरा
  • रामनगर–दिल्ली
  • टनकपुर–दिल्ली (नई संभावित दिशा)

मुरादाबाद मंडल के चार रूटों पर पहले से वंदे भारत चल रही है, जबकि इज्जतनगर मंडल अब तक पीछे ही रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उसे दो नई वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी सौंपा जाएगा।

वंदे भारत में यात्रियों की शिकायतें भी आईं सामने

इधर, रविवार को 22545 लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस 20 मिनट की देरी से बरेली स्टेशन में पहुंची। साथ ही, कोच सी-4 में मच्छरों की शिकायत भी दर्ज की गई। सुमित गुप्ता नामक यात्री, जो सीट नंबर 25 पर यात्रा कर रहे थे, ने इस संबंध में रेलवे को अवगत भी कराया। यह घटना एक बार फिर ट्रेन में बेहतर स्वच्छता व रखरखाव की आवश्यकता को रेखांकित भी करती है।

टनकपुर और कुमाऊं क्षेत्र के यात्रियों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन का आवागमन को तेज और सुविधाजनक बना सकता है। मुख्यमंत्री धामी की पहल और रेलवे अधिकारियों की सक्रियता से अब यह प्रतीक्षा जल्द ही पूरी हो सकती है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 2025 के अंत तक कुमाऊं को उसकी पहली वंदे भारत ट्रेन भी मिल सकती है।