लव मैरिज मामले में हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, युवक की गिरफ्तारी पर रोक
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रेम विवाह से जुड़े एक मामले में अहम राहत देते हुए युवक की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक भी लगा दी है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद युवक को जांच में सहयोग करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह याचिका प्रेमी द्वारा अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर की गई थी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तिथि भी निर्धारित की है और राज्य सरकार व युवती के पिता से इस पर आपत्ति दाखिल करने को भी कहा है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, उसने व उसकी प्रेमिका ने आपसी सहमति से 1 मार्च 2026 को हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एक शिव मंदिर में विवाह भी किया था। हालांकि, युवती के पिता इस विवाह से असंतुष्ट हैं और उन्होंने थाना रानीपुर में युवक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है। आरोप है कि विवाह के समय युवती नाबालिग थी और उसे बहला-फुसलाकर ही शादी की गई।
वहीं, युवक ने अपनी याचिका में दावा किया है कि विवाह के समय दोनों ही बालिग थे। उसने अपने व युवती के जन्म प्रमाण पत्र भी कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। युवती की ओर से भी शपथ पत्र दाखिल कर खुद को बालिग बताते हुए विवाह की पुष्टि भी की गई है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अगली सुनवाई तक युवक की गिरफ्तारी पर रोक भी लगा दी है और मामले में जांच जारी रखने के निर्देश भी दिए हैं।