हल्द्वानी सहकारिता मेला बना अव्यवस्था का केंद्र: भीड़ के वक्त बंद मिले सरकारी स्टाल, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर हल्द्वानी में सहकारिता विभाग द्वारा 25 नवंबर से 1 दिसंबर तक आयोजित भी किया जा रहा सहकारिता मेला प्रशासनिक लापरवाही की वजह से सवालों के घेरे में आ गया है। मेले में कृषि, उद्यान, पर्यटन, उद्योग केंद्र सहित कई विभागों के स्टाल भी लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य जनता को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देना है।

लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भीड़ के सबसे अधिक समय पर कई सरकारी विभागों के स्टाल बंद मिले, जबकि कर्मचारियों को यहां ड्यूटी पर तैनात भी किया गया था। मेले में आए लोग जानकारी लेने पहुंचे तो स्टालों पर ताले लटके भी दिखाई दिए।

सीएम और मंत्री के दौरे के बाद भी ढिलाई

25 नवंबर को सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत व सांसद अजय भट्ट ने मेले का उद्घाटन भी किया था, जबकि 26 नवंबर को स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मेले में पहुंचे थे। इसके बाद भी विभागों की लापरवाही खत्म नहीं हुई और कर्मचारी निर्धारित समय से पहले ही स्टाल छोड़कर ही चले गए।

मेले में आकर्षण तो हैं, लेकिन स्टाल खाली

मेला हल्द्वानी के एमबी ग्राउंड में 1 दिसंबर तक चल रहा है, जिसमें स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, व्यापारिक दुकानें, फूड कोर्ट, बच्चों के लिए झूले व बोटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
हालांकि, सरकारी विभागों के स्टालों की स्थिति देखकर जनता व आयोजक दोनों नाराज हैं।

डीएम ने ली कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी नैनीताल ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सभी विभागों को सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि आज से सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन विभागों के स्टाल लगे हैं, उनके कर्मचारी नियत समय तक स्टाल पर ही मौजूद रहें, ताकि सरकारी योजनाएं जनता तक पहुंच सकें।