Due to the lack of a road, an ailing elderly man had to be carried 8 km on a stretcher; the Pinau road remains incomplete even after 10 years.
थराली क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मेजर देव सिंह दानू के गांव पिनाऊं में सड़क सुविधा ही नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना भी पड़ रहा है। गांव के 68 वर्षीय केशर सिंह दानू की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने उन्हें स्ट्रेचर के सहारे करीब 8 किलोमीटर पैदल चलकर घेस सड़क तक पहुंचाया, जहां से निजी वाहन से अस्पताल में भेजा गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2015-16 में स्वीकृत 23 किलोमीटर लंबी धुराधारकोट-वांक-पिनाऊं सड़क आज तक पूरी ही नहीं हो सकी है। इस सड़क की घोषणा 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत व 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी की थी, लेकिन 10 साल बाद भी सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है।
बीडीसी सदस्य प्रदीप दानू ने बताया कि गांव के मुकेश सिंह, महिपाल सिंह, कुंदन सिंह, लखपत सिंह, लक्ष्मण सिंह व रमेश सिंह समेत कई ग्रामीणों ने मिलकर बीमार केशर सिंह को स्ट्रेचर पर 8 किलोमीटर पैदल रास्ता तय कर सड़क तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि सड़क के अभाव में गांव में बीमार लोगों व गर्भवती महिलाओं को डंडी या स्ट्रेचर के सहारे अस्पताल में पहुंचाना पड़ता है, जिससे लोगों को गंभीर दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
वहीं, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि सड़क परियोजना की फाइल वन भूमि संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश फिर से ही दिए जाएंगे।
