धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ईएसआई कर्मचारियों और कारखानों में काम करने वालों को राहत
देहरादून: उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) से जुड़े कर्मचारियों व कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देने वाले निर्णय भी लिए हैं। अब उनके इलाज में चिकित्सकों की कमी नहीं होगी व उन्हें पूरा बोनस भी सुनिश्चित रूप से मिलेगा।
मंत्रिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के तहत चिकित्सा सेवा वर्ग के अधिकारियों व उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी किए हैं। इसके तहत उत्तराखंड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली 2026 को प्रख्यापित भी किया गया है।
नियमावली के अनुसार कुल 94 पद होंगे, जिनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, 6 संयुक्त निदेशक व 1 अपर निदेशक शामिल हैं। इससे पहले ईएसआई ढांचे में केवल एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारियों के पद ही थे, जिसके कारण लगातार चिकित्सकों की कमी व पदोन्नति में कठिनाइयां रहती थीं।
इसके अलावा, कैबिनेट ने बोनस भुगतान को लेकर भी बड़ा फैसला भी लिया है। कोविड-19 महामारी के दौरान उद्योगों को राहत देने के लिए बनाए गए बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक 2020 में यह प्रावधान था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष उपलब्ध होने पर ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस भी दिया जाएगा। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने इस प्रावधान पर असहमति भी जताई थी।
अब चूंकि कोविड-19 जैसी परिस्थितियां वर्तमान में नहीं हैं और गृह मंत्रालय की ओर से विधेयक को राष्ट्रपति की अनुमति के बिना संसदीय कार्य विभाग को भी भेजा गया था, इसलिए इसे आगे बढ़ाना संभव ही नहीं था। लिहाजा, 2020 का एक्ट रद्द कर दिया जाएगा, और इसके बाद केंद्रीय अधिनियम के तहत सभी कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान अनिवार्य रूप से ही किया जाएगा।