देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर बनेगा स्मार्ट, जाम से मिलेगी राहत
देहरादून: उत्तराखंड के सबसे व्यस्त देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर की अब तस्वीर अब बदलने वाली है। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी-2024) की समीक्षा करते हुए इसे तेजी से लागू करने के निर्देश भी दिए।
योजना के तहत तीनों शहरों के बीच करीब 73 किलोमीटर लंबा इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम विकसित भी किया जाएगा। हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) और प्रमुख स्थलों के लिए रोपवे कनेक्टिविटी का प्रस्ताव भी है। साथ ही इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम (ITS), आधुनिक पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के जरिए ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की तैयारी भी है।
सचिव आवास ने निर्देश दिए कि सीएमपी के सभी प्रस्तावों को मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल भी किया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ रोजाना सफर करने वालों के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि कुंभ व कांवड़ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन में भी अहम भूमिका भी निभाएगी। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के जरिए इस कॉरिडोर को देश के मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
बैठक में मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक वित्त संजीव मेहता व महाप्रबंधक संजय पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
भवन निर्माण प्रक्रिया भी होगी आसान
वहीं, प्रदेश में भवन निर्माण कार्यों को गति देने के लिए आवास विभाग ने एक और बड़ा फैसला भी लिया है। सचिव आवास ने स्ट्रक्चरल इंजीनियरों के पंजीकरण व नवीनीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने लंबित मामलों के त्वरित निपटान, प्रमाणपत्र जारी करने और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने को भी कहा। इस पहल का उद्देश्य नक्शा स्वीकृति में देरी को रोकना व सुरक्षित निर्माण को बढ़ावा देना है। साथ ही डिजिटल सत्यापन प्रणाली को मजबूत कर आवेदकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत देने पर भी अब जोर दिया गया है।