दिनदहाड़े हत्या से दहला दून, समय पर कार्रवाई होती तो बच सकती थी गुंजन की जान

शिकायत के बाद भी नहीं मिली सुरक्षा, पलटन बाजार में गुंजन की हत्या ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल

देहरादून। इंसाफ की जिम्मेदारी संभालने वाली खाकी की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो जाती है। बीते सोमवार को पलटन बाजार में गुंजन की निर्मम हत्या ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, गुंजन की जान को खतरा बताते हुए 3 दिन पहले ही खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से ही नहीं लिया।

परिजनों ने बताया कि करीब 8 महीने पहले भी आरोपी आकाश व गुंजन के बीच विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने दोनों को समझाकर मामला शांत भी करा दिया था। इसके बाद भी विवाद कई बार पुलिस तक पहुंचा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई ही नहीं हुई। अंततः यह मामला हत्या जैसी गंभीर घटना में ही तब्दील हो गया। मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी अजय सिंह ने खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है।

परिजनों के मुताबिक गुंजन व आरोपी आकाश पिछले 3 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। गुंजन दूल्हा बाजार की एक कपड़ों की दुकान में ही काम करती थी, जबकि आरोपी उसी बाजार की एक अन्य दुकान में ही कार्यरत था। दोनों की दोस्ती की जानकारी मिलने पर परिजनों ने गुंजन का फोन ले लिया, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत भी बंद हो गई।

परिजनों का आरोप है कि आरोपी शादीशुदा था और इसके बावजूद वह गुंजन को लगातार ही परेशान कर रहा था। काम पर जाते समय उसका पीछा भी करता था। इस संबंध में कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई ही नहीं हुई। 3 दिन पहले आरोपी ने एक अन्य व्यक्ति से यह भी कह दिया था कि वह गुंजन को जान से मार देगा। इसके बाद परिजनों ने फिर से खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत दी, लेकिन इन 3 दिनों में पुलिस आरोपी से संपर्क तक ही नहीं कर पाई।

कार्रवाई में कोताही पर चौकी इंचार्ज सस्पेंड

मामले में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी अजय सिंह ने खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को निलंबित भी कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिजनों की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया, जो गंभीर चूक भी मानी गई है।

आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

पुलिस के मुताबिक आरोपी आकाश पहले चोरी के मामले में जेल भी जा चुका है और करीब डेढ़ महीने तक जेल में ही रहा था। आपराधिक पृष्ठभूमि के चलते उसे पहले दुकान से भी निकाल दिया गया था, लेकिन बाद में वह उसी बाजार की एक अन्य दुकान में ही काम करने लगा। इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है कि बिना पृष्ठभूमि जांच के उसे काम कैसे ही दिया गया।

दिनदहाड़े हत्या, तमाशबीन बने रहे लोग

चश्मदीदों के अनुसार दिनदहाड़े सरेबाजार गुंजन पर हमला भी किया गया। करीब 10 मिनट तक उसकी चीखें गली में गूंजती ही रहीं, लेकिन कोई भी आगे आकर उसे बचाने की हिम्मत ही नहीं जुटा सका। आरोपी स्कूटर से मौके पर पहुंचा, पहले गुंजन से बातचीत की और फिर अचानक चापड़ से ही हमला कर दिया। वारदात के बाद वह हथियार लहराते हुए मौके से फरार भी हो गया। गली में बिखरे खून के छींटे व दीवारों पर पड़े निशान हत्या की निर्ममता को बयां भी कर रहे थे।

एसएसपी का बयान

एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि

सभी थानों को इस तरह की शिकायतों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस मामले में आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।