रामनगर में हनुमान जयंती शोभायात्रा के बाद विवाद, माफी के बाद शांत हुआ मामला
रामनगर में हनुमान जयंती के अवसर पर निकली धार्मिक शोभायात्रा के बाद विवाद ही खड़ा हो गया। शोभायात्रा में शामिल कलाकारों के साथ अभद्रता व सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोपों को लेकर बालाजी मंदिर समिति व श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखने को भी मिला। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु व समिति सदस्य रामनगर कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
प्रदर्शनकारियों ने करणी सेना के अध्यक्ष सूरज चौधरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली का घेराव भी किया और देर रात तक धरने पर ही डटे रहे। समिति के सदस्यों का आरोप है कि शोभायात्रा के दौरान कलाकारों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया, वहीं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए भ्रामक व आपत्तिजनक टिप्पणियां कर धार्मिक भावनाओं को आहत भी किया गया।
मामला बढ़ने पर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास भी किया। बाद में मंदिर के महंत और श्रद्धालु कोसी घाट स्थित सिद्ध पीठ बालाजी मंदिर के बाहर भी धरने पर ही बैठ गए। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर प्रस्तावित भंडारे समेत धार्मिक कार्यक्रम रद्द भी कर दिए जाएंगे।
इस बीच शोभायात्रा आयोजक शुभम गर्ग ने कहा कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण रही थी, लेकिन सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत जानकारी से भ्रम व तनाव की स्थिति पैदा हुई। वहीं करणी सेना अध्यक्ष सूरज चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कलाकार से मर्यादित वेशभूषा रखने की बात कही थी, जिसे गलत तरीके से भी लिया गया।
देर रात विवाद उस समय शांत हुआ जब सूरज चौधरी खुद धरना स्थल पर पहुंचे और महंत व श्रद्धालुओं से सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त भी कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।