वक्फ कानून पर बीजेपी की कार्यशाला को लेकर कांग्रेस का हमला, कहा – “जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश”

देहरादून : उत्तराखंड में वक्फ कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित कार्यशाला पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन एवं प्रशासन) सूर्यकांत धस्माना ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की सरकारें जनता के असली मुद्दों से भटकाने के लिए वक्फ कानून को हथियार बना रही हैं।

“महंगाई, बेरोजगारी और गिरती जीडीपी से भटकाने की साजिश”

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए धस्माना ने कहा कि देश और राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक सुस्ती चरम पर है, लेकिन इन मुद्दों पर ध्यान देने की बजाय सरकार वक्फ कानून के नाम पर नफरत फैलाने में जुटी है।

“भाजपा सरकारें अमरीकी टैरिफ टेरर, गिरती GDP, और पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों पर जवाब देने में नाकाम रही हैं। अब जनता का ध्यान इन मुद्दों से हटाने के लिए वक्फ कानून पर कार्यशालाएं करवा रही हैं,” – सूर्यकांत धस्माना

“न्यायालय ने भी माना संशोधन पर सवाल”

धस्माना ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा वक्फ कानून के दो संशोधित प्रावधानों पर रोक लगाने से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल वाजिब थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद में इस कानून के खिलाफ आवाज उठा चुकी है और कोर्ट के निर्णय ने उस पर मोहर लगा दी है।

“नफरत की राजनीति का हिस्सा है वक्फ बहस”

धस्माना ने आरोप लगाया कि वक्फ कानून पर भाजपा की कार्यशालाएं बहुसंख्यक समुदाय में भ्रम फैलाने और डर पैदा करने का जरिया बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जनता का वक्फ कानून से कोई सीधा लेना-देना नहीं है, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक एजेंडा बनाकर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है।

“मोदी नहीं हैं टाइम्स की पावर लिस्ट में, सरकार की गिरती साख का प्रमाण”

कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम टाइम्स मैगजीन की दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 लोगों की सूची में नहीं है, जो सरकार की गिरती साख का संकेत है। उन्होंने कहा कि “डंका बजने” की बातें अब सिर्फ जुमला बनकर रह गई हैं।

📌 कांग्रेस ने साफ किया है कि वह भाजपा के “नफरती एजेंडे” के खिलाफ जनता के असली मुद्दों — महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली — को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।