बजट खत्म, 2900 पीआरडी स्वयंसेवकों की ड्यूटी समाप्त
प्रदेश में यातायात व्यवस्था संभाल रहे 2900 पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) स्वयंसेवकों की सेवाएं बजट के अभाव में इस माह से समाप्त कर दी गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय के निर्देश पर जिला स्तर पर अधिकारियों ने यह आदेश भी जारी किया है।
विभाग के निदेशक आशीष चौहान के अनुसार इन स्वयंसेवकों को मई 2024 में चारधाम यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों में तैनात भी किया गया था। यात्रा के बाद भी जरूरत के अनुसार कुछ स्वयंसेवकों की ड्यूटी जारी ही रखी गई, लेकिन स्वीकृत बजट खत्म होने के बाद अब इन्हें हटाना भी पड़ा है।
प्रदेश में कुल 10 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत भी हैं, जिनमें से 7514 फिलहाल विभिन्न विभागों में ड्यूटी भी दे रहे हैं। ये स्वयंसेवक पुलिस थानों व चौकियों के अलावा सचिवालय, विधानसभा, आबकारी विभाग, आरटीओ, मंडी समिति, समाज कल्याण, जल संस्थान, शिक्षा व तकनीकी शिक्षा जैसे कई विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें 908 महिलाएं व 6608 पुरुष शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक चारधाम यात्रा के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ था, जिससे 2900 स्वयंसेवकों की तैनाती भी की गई थी। बजट समाप्त होने के बाद उनकी ड्यूटी खत्म भी कर दी गई है। हालांकि जरूरत पड़ने पर और नया बजट जारी होने पर कुछ स्वयंसेवकों को दोबारा तैनात भी किया जा सकता है। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी देहरादून प्रमोद चंद्र पाण्डेय ने बताया कि दिसंबर तक ही इनकी ड्यूटी की स्वीकृति भी थी, अब नई मांग व बजट मिलने पर ही आगे तैनाती होगी।
वहीं, प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन के प्रदेश संयोजक प्रमोद मंद्रवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों के वेतन व भत्ते बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वयंसेवकों के नियमित रोजगार की कोई व्यवस्था ही नहीं है। उनका कहना है कि विभाग वर्षों पुराना है, फिर भी उन्हें जरूरत के समय ही काम पर ही लगाया जाता है। आने वाले त्योहारों व परिवार की जिम्मेदारियों के बीच रोजगार छिनने से उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।