अंटार्कटिका में मिला जंगल की आग का ब्लैक कार्बन, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता

राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान केंद्र (एनसीपीओआर) के वैज्ञानिकों को पूर्वी अंटार्कटिका में जंगल की आग से उत्पन्न ब्लैक कार्बन के प्रमाण भी मिले हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह ब्लैक कार्बन हजारों किलोमीटर दूर साउथ अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया में लगी जंगल की आग से वायुमंडल के माध्यम से अंटार्कटिका तक भी पहुंचा हो सकता है।

वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान एनसीपीओआर के वैज्ञानिक डॉ. महेश बांदल ने बताया कि वे पिछले 2 वर्षों से इस विषय पर अध्ययन कर रहे हैं। शोध के दौरान पूर्वी अंटार्कटिका के लासरमन हिल्स क्षेत्र में स्थित पपलगून झील के सेडीमेंट में ब्लैक कार्बन भी पाया गया है, जबकि अंटार्कटिका का 99 प्रतिशत से अधिक हिस्सा बर्फ से भी ढका हुआ है।

डॉ. महेश के अनुसार अध्ययन से संकेत मिलता है कि यह ब्लैक कार्बन करीब 7 हजार वर्षों से वहां मौजूद है, जिससे स्पष्ट होता है कि जंगलों में आग लगने की घटनाएं प्राचीन काल से ही होती रही हैं। उन्होंने बताया कि ब्लैक कार्बन ऊष्मा को अवशोषित भी करता है, जिससे ग्लेशियरों के पिघलने की प्रक्रिया तेज भी होती है। अंटार्कटिका में बर्फ के तेजी से पिघलने से समुद्र के जलस्तर में वृद्धि का खतरा भी बढ़ सकता है।