फर्जी किसान ऋण घोटाले में बैंक मैनेजर को 4 साल की सजा, 13 अन्य दोषियों को भी जेल

ऊधमसिंह नगर में फर्जी किसान ऋण स्वीकृति मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला भी सुनाया है। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को कोर्ट ने 4 वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही अन्य 2 धाराओं में एक-एक वर्ष की सजा व 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना भी होगा।

इस मामले में अदालत ने 13 अन्य आरोपियों को भी दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वर्ष 2014-15 के दौरान बाजपुर, ऊधमसिंह नगर स्थित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा में किसानों व डीलरों की मिलीभगत से किसान क्रेडिट कार्ड व फसल ऋण के नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत किए गए थे। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसानों ने ऋण भी हासिल किया।

इस बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने 2018 में एफआईआर भी दर्ज की थी। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद विशेष सीबीआई जज की बेंच ने बीते मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी दोषियों को सजा सुनाई।