प्रदेश में राज्य खाद्य योजना के तहत मिलने वाले राशन में बड़ा बदलाव किया गया है।

सरकारी राशन दुकानों से इस महीने से करीब साढ़े नौ लाख पात्र परिवारों को प्रति परिवार 5 किलो गेहूं और 2.5 किलो चावल दिया जाएगा। बीते लगभग 4 वर्षों से गेहूं की कमी के चलते इन परिवारों को गेहूं के स्थान पर चावल ही उपलब्ध कराया जा रहा था।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार, राज्य खाद्य योजना के तहत प्रति परिवार कुल 7.5 किलो राशन निर्धारित है, जिसमें पहले 5 किलो गेहूं और 2.5 किलो चावल दिया जाता था। गेहूं की उपलब्धता न होने के कारण पिछले कुछ वर्षों से पूरा राशन चावल के रूप में ही वितरित किया जा रहा था।

विभाग के अपर निदेशक पी.एस. पांगती ने बताया कि इस महीने से पात्र परिवारों को पुनः 5 किलो गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की अन्य किसी योजना में फिलहाल कोई बदलाव भी नहीं किया गया है।

हालांकि, प्रदेश के कई जिलों में इस महीने राशन की आपूर्ति में देरी हुई, जिससे राशन कार्ड धारकों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। इस पर अपर निदेशक पी.एस. पांगती ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति प्रक्रिया में देरी के कारण जिलों तक राशन पहुंचने में समय भी लगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बुधवार तक सभी जिलों में शत-प्रतिशत राशन भी पहुंचा दिया जाएगा।