तीन शहरों में रची गई साजिश, जिम की सीढ़ियों पर बरसी गोलियां… आखिर कौन था असली मास्टरमाइंड?
देहरादून। राजधानी देहरादून में चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे भी सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने विक्रम की हत्या की साजिश पहले जमशेदपुर और नोएडा में रची थी, लेकिन वहां मौका ही नहीं मिल सका। आखिरकार देहरादून में रेकी कर वारदात को अंजाम भी दिया गया।
जमशेदपुर और नोएडा में नाकाम रही साजिश
जांच के अनुसार, जमशेदपुर में विक्रम का खासा प्रभाव था और उसके साथ हर समय 10–15 लोग भी मौजूद रहते थे, जिससे वहां हत्या करना आसान भी नहीं था। इसके बाद नोएडा में साजिश रची गई, लेकिन विक्रम के आवागमन की सटीक जानकारी न मिल पाने से योजना सफल ही नहीं हो सकी।
देहरादून में की गई महीनों रेकी
इसके बाद आरोपियों ने देहरादून को वारदात के लिए भी चुना। लंबे समय तक रेकी के लिए जमशेदपुर निवासी अंकित को जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जो पहले भी विभिन्न गैंग के लिए रेकी भी कर चुका था। उसे नोएडा में किराये का फ्लैट भी दिलाया गया, जहां से वह बार-बार देहरादून आकर विक्रम की गतिविधियों पर नजर भी रखता रहा।
अंकित को पता चला कि विक्रम सिल्वर सिटी स्थित जिम में नियमित रूप से ही आता है। योजना को अंजाम देने के लिए उसने जिम की सदस्यता भी ले ली और करीब 3 महीने तक लगातार रेकी भी करता रहा।
13 फरवरी को दिया वारदात को अंजाम
साजिशकर्ताओं ने शूटरों को 12 फरवरी को हरिद्वार बुला लिया था। 13 फरवरी को जैसे ही विक्रम जिम पहुंचा, अंकित ने आशुतोष को सूचना भी दे दी। जिम से बाहर निकलते समय सीढ़ियों पर घात लगाए खड़े आशुतोष व विशाल ने विक्रम के सिर पर नजदीक से कई गोलियां ही दाग दीं।
निजी विश्वविद्यालय का छात्र भी आरोपी
इस हत्याकांड में नोएडा के एक निजी विश्वविद्यालय का बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र मोहित उर्फ अक्षत आरोपी है। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी पहचान कुछ साल पहले अपने मामा के माध्यम से आशुतोष से हुई थी और वहीं से वह अन्य आरोपियों के संपर्क में भी आया।
जेल की रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व में एक मामले में जेल गए विशाल का विक्रम के करीबी से विवाद भी हुआ था। आरोप है कि जेल में विक्रम के गुर्गों ने विशाल को प्रताड़ित किया, जिसके बाद उसने आशुतोष के साथ मिलकर बदला लेने की साजिश भी रची।
अपराध जगत में वर्चस्व की चाह
पुलिस के अनुसार, आशुतोष पहले भी आपराधिक मामलों में जेल भी जा चुका था और अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहता था। विक्रम का आपराधिक जगत में प्रभाव था और उसकी हत्या कर वह अपनी धाक जमाना भी चाहता था।
कारोबारी रंजिश का भी एंगल
जांच में यह भी सामने आया है कि सारिका इंटरप्राइजेज के मालिक यशराज का नाम साजिश में भी जुड़ा है। रेलवे में खाद्य आपूर्ति के ठेके को लेकर विक्रम व यशराज के बीच विवाद था। आरोप है कि विक्रम ने पूर्व में रंगदारी मांगी थी।
हत्या के बाद नोएडा भागे आरोपी
वारदात के बाद आरोपी हरिद्वार होते हुए नोएडा पहुंचे व मोहित के फ्लैट में रुके। उनके ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था मोहित ने की। बाद में आरोपी अलग-अलग स्थानों पर फरार भी हो गए।
फरार आरोपी
पुलिस के अनुसार मामले में कई आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में टीमें लगातार दबिश भी दे रही हैं।
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा।