2027 विधानसभा चुनाव: कांग्रेस में टिकट को लेकर असमंजस, भाजपा ने बनाई स्पष्ट रणनीति
उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के भीतर अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन नेता किस सीट से ही चुनाव लड़ेगा। टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने संकेत दे दिए हैं कि मंत्रियों व विधायकों को उनकी मौजूदा सीट के अलावा दूसरी सीट से टिकट ही नहीं दिया जाएगा और उन्हें अपने क्षेत्र तक ही सीमित भी रखा जाएगा।
2017 से सत्ता से बाहर कांग्रेस आगामी चुनाव के मद्देनजर जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय भी नजर आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी नेता कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करने का संदेश भी दे रहे हैं। हालांकि, टिकट वितरण और सीटों के चयन को लेकर अभी भी स्थिति साफ ही नहीं है।
कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की सीट तक तय ही नहीं हो पाई है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल खुद किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे, इस पर भी अंतिम फैसला ही नहीं हुआ है। वहीं चुनाव प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. हरक सिंह रावत की सीट भी अभी तक तय नहीं है। पूर्व सीएम हरीश रावत पहले ही चुनाव न लड़ने की बात कह चुके हैं, लेकिन वे अपने बेटे के लिए टिकट की पैरवी भी कर सकते हैं। हालांकि, किस सीट से उन्हें मैदान में उतारा जाएगा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है।
पार्टी के भीतर यह भी चिंता है कि किसी सीट की घोषणा होते ही अन्य दावेदार विरोध में उतर भी सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस फिलहाल टिकट और सीटों को लेकर अपने पत्ते खोलने से ही बच रही है। जनहित के मुद्दों पर सक्रियता के बावजूद संगठनात्मक स्तर पर टिकट वितरण को लेकर भाजपा जैसी स्पष्ट रणनीति अभी नजर ही नहीं आ रही।
इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि
सभी राजनीतिक दल जीत की संभावना को ध्यान में रखते हुए टिकट तय भी करते हैं। कांग्रेस भी आने वाले समय में इसी आधार पर यह निर्णय लेगी कि किस नेता को किस सीट से चुनाव मैदान में भी उतारा जाए।