रेनू हत्याकांड: साक्ष्यों के अभाव में आरोपी बरी, चाकू से फिंगर प्रिंट नहीं लेने पर पुलिस पर सवाल
हत्या मामले में आरोपी बरी, पुलिस जांच की लापरवाही पर कोर्ट सख्त
देहरादून में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राहुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव व पुलिस जांच में गंभीर लापरवाही के चलते हत्या के एक मामले में आरोपी साहिल अंसारी को बरी भी कर दिया। अदालत ने मामले में की गई खामियों को गंभीर मानते हुए थाना डोईवाला के पूर्व विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति एसएसपी को भेजने के निर्देश दिए हैं।
मामला साल 2016 का है। मृतका रेनू की बहन रेखा ने आरोप लगाया था कि साहिल अंसारी ने उसकी बहन की गला रेतकर हत्या भी की। रेनू की लाश मिस्सरवाला रेलवे लाइन के पास ही मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी धारदार हथियार से गले की नस कटने से मौत की पुष्टि भी हुई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश भी किए गए, लेकिन पुलिस की विवेचना में कई गंभीर कमियां सामने भी आईं। जांच में न तो हत्या स्थल का नक्शा तैयार किया गया, न ही बाथरूम को सील किया गया, जहां हत्या होना भी बताया गया था। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आरोपी की लोकेशन, आसपास के लोगों के बयान व हत्या में प्रयुक्त चाकू से फिंगर प्रिंट तक नहीं लिए गए।
अदालत ने इन लापरवाहियों को अभियोजन पक्ष को कमजोर करने वाला बताते हुए आरोपी को बरी भी कर दिया और पुलिस जांच पर कड़ी टिप्पणी भी की।