फर्जी बाबाओं की खैर नहीं: ऑपरेशन कालनेमि का डंडा फिर चला
ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो ढोंगी बाबा गिरफ्तार — कई भागने लगे अपने राज्य
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में पाखंडी बाबाओं पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता ही जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर चल रहे “ऑपरेशन कालनेमि” अभियान के तहत दून पुलिस ने रायवाला क्षेत्र में 2 फर्जी बाबाओं को गिरफ्तार भी किया है।
पुलिस की सख्ती का आलम यह है कि अब इन ढोंगियों ने अपना चोला उतारकर या तो भूमिगत होना भी शुरू कर दिया है या फिर अपने मूल राज्यों की ओर भागने भी लगे हैं।
गिरफ्तार फर्जी बाबाओं की पहचान
- इंद्रनाथ पुत्र संतराम — निवासी सपेरा बस्ती, हरिपुर कला, उम्र 45 वर्ष
- चेतनाथ पुत्र लालू नाथ — निवासी सपेरा बस्ती, हरिपुर कला, उम्र 36 वर्ष
इन दोनों को रायवाला क्षेत्र में साधु के भेष में घूमते हुए पकड़ा गया, जहां वे लोगों को धोखा देने व ठगी करने की कोशिश में भी थे। इनके विरुद्ध भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
ऑपरेशन कालनेमि की सफलता
“ऑपरेशन कालनेमि” के तहत अब तक देहरादून पुलिस 113 फर्जी बाबाओं के खिलाफ कार्रवाई भी कर चुकी है। ये वे लोग हैं जो बाहर से आकर उत्तराखंड की भोली जनता की आस्था से खिलवाड़ भी कर रहे थे — खासकर महिलाओं व युवाओं को वशीकरण, झाड़-फूंक और चमत्कार के नाम पर ठगने में भी लगे थे।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों को ऐसे भेषधारी ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दूसरे राज्यों को भी दी जाएगी सूचना
पुलिस ने बताया कि जो फर्जी बाबा अन्य राज्यों से उत्तराखंड आए थे, उनकी जानकारी उनके गृह राज्यों की पुलिस से भी साझा की जाएगी, ताकि ऐसे तत्वों पर निगरानी रखी जा सके और भविष्य में ये दोबारा किसी प्रदेश की आस्था से भी न खेल सकें।