देहरादून-मसूरी मार्ग पर जाम का कहर: 35 किलोमीटर की दूरी तय करने में लग रहे 4.5 घंटे, सैलानी बेहाल, प्रशासन नाकाम
देहरादून। अगर 35 किलोमीटर की यात्रा में आपको चार से साढ़े चार घंटे लग जाएं, तो नाराज़गी तो होगी ही। इस समय देहरादून से मसूरी जाने वाले पर्यटकों की यही हालत है। सड़क पर जगह-जगह भीषण ट्रैफिक जाम, प्रशासन की नाकामी और बढ़ती भीड़ ने पर्यटन का मजा पूरी तरह ही बिगाड़ दिया है।
इन दिनों पहाड़ों की रानी मसूरी में गर्मी से राहत की तलाश में हजारों पर्यटक भी उमड़ रहे हैं। लेकिन इस भीड़ के चलते यात्रा बेहद कष्टदायक भी हो गई है। खासकर देहरादून-मसूरी मार्ग पर सोमवार को हालात बद से बदतर रहे। किंक्रेग से मसूरी लाइब्रेरी चौक के बीच मात्र 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही पर्यटकों को दो से ढाई घंटे तक लग गए।
मसूरी जाने की सोच रहे हैं? जाम में फंसना तय मानिए!
प्रशासन ने पर्यटन सीजन को देखते हुए शटल सेवा व ट्रैफिक मैनेजमेंट के बड़े दावे भी किए थे, मगर जमीनी हालात इसके उलट हैं। दून-मसूरी मार्ग हो या कैंपटी फॉल, धनोल्टी, बुरांशखंडा व लाल टिब्बा जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल—हर जगह जाम की स्थिति भी बनी हुई है।
सोमवार को किंक्रेग क्षेत्र में 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वहीं कैंपटी रोड पर भी यमुनोत्री की ओर जा रहे श्रद्धालुओं और कैंपटी फॉल घूमने आए सैलानियों के वाहनों ने हालात और भी बिगाड़ दिए।
होटल फुल, कमरे नहीं—लोग सड़कों पर भटकते नजर आए
मसूरी में अधिकतर होटल व गेस्ट हाउस फुल हो चुके हैं, जिससे कई पर्यटक कमरे न मिलने पर भटकते या वापस लौटते भी नजर आए। लौटते समय भी जाम ने परेशान किया।
शहर के अंदर भी हाल बेहाल: हरिद्वार रोड पर 4 किमी लंबा जाम
देहरादून शहर के भीतर हरिद्वार मार्ग पर अजबपुर फ्लाईओवर से रिस्पना पुल तक का 4 किलोमीटर का सफर एक से डेढ़ घंटे में ही पूरा हो रहा है। शहर की आबादी, बाहरी यात्री व चारधाम रूट के वाहनों का दबाव प्रशासन की व्यवस्था को पस्त भी कर चुका है।
बसों की भारी कमी, सैलानियों की धूप में घंटों प्रतीक्षा
परिवहन निगम के पर्वतीय डिपो की मसूरी जाने वाली बसें नाकेाफी भी साबित हो रही हैं। सोमवार को देहरादून रेलवे स्टेशन के पर्वतीय अड्डे पर सैलानियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, क्योंकि बसें या तो जाम में फंसी थीं या कम संख्या में उपलब्ध थीं।
प्रशासन की विफलता बनी बड़ी चिंता
पर्यटकों का कहना है कि न सिर्फ जाम, बल्कि भीड़ प्रबंधन व सूचना व्यवस्था भी नदारद है। जाम में फंसे लोग न तो किसी मदद की उम्मीद कर पा रहे हैं और न ही रास्ते साफ होने के कोई संकेत ही मिल रहे हैं। देहरादून-मसूरी मार्ग पर इस वक्त हालात बेहद ही खराब हैं। प्रशासन को जल्द ही ठोस कदम उठाने होंगे वरना पर्यटन के इस व्यस्ततम सीजन में न केवल राजस्व का नुकसान होगा, बल्कि राज्य की छवि पर भी गहरा असर पड़ेगा।