LUCC के विरुद्ध पुलिस कार्यवाही की ADG लॉ एंड ऑडर ने की समीक्षा, जांच में तेजी लाने और LUCC संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई के दिए निर्देश

देहरादून: दिनांक 26 मार्च, 2025 को वी0 मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड द्वारा समस्त जनपद प्रभारियों और परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों के साथ राज्य में लोनी अर्बन मल्टी-स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) के संचालकों के विरूद्ध पंजीकृत कुल 07 अभियोगों में की गई पुलिस कार्यवाही की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान मुरूगेशन ने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और अभियुक्तों के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही पीड़ितों के शिकायती प्रार्थना पत्रों पर तत्काल अभियोग पंजीकृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

मुख्य निर्देश:

  1. लुक आउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस: राज्य में LUCC के लगभग 35 शाखाओं के संचालकों की विदेश भागने की संभावना को ध्यान में रखते हुए लुक आउट सर्कुलर (LOC) और रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैधानिक कार्यवाही के लिए इंटरपोल की सहायता ली जाएगी।
  2. पुलिस कस्टडी रिमांड: जो अभियुक्त उत्तर प्रदेश की विभिन्न कारागारों में निरुद्ध हैं, उन्हें वारंट बी पर लाकर पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया जाएगा और निवेशकों की संपत्ति बरामद की जाएगी। इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई सम्पत्ति को अधिग्रहित किया जाएगा।
  3. मनी ट्रेल और बैंक खातों की फ्रीजिंग: मनी ट्रेल के आधार पर अभियुक्तों के बैंक खातों को फ्रीज किया जाएगा।
  4. विस्तृत रिपोर्ट और अन्य विभागों से सहयोग: पंजीकृत अभियोगों की विस्तृत रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग को प्रेषित की जाएगी। इसके साथ ही, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) से अभिलेख प्राप्त कर, साक्ष्य के आधार पर उत्तराखण्ड प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्त्स ऑफ डिपॉजिटर्स (UPID) एक्ट, 2005 या बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट, 2019 के तहत अभियोग पंजीकृत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था यशवंत चौहान, पुलिस अधीक्षक सीआईडी और अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।

पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि LUCC संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि निवेशकों का हक वापस मिल सके और इस तरह के अपराधों को भविष्य में रोका भी जा सके।