जब तक दूरस्थ त्यूणी हनोल में टावर नहीं लगेगा, तब तक टेलिकॉम कंपनियों को कोई परमिशन नहीं मिलेगी अन्यत्र

सीएम से की थी स्थानिकों ने कनेक्टिविटी की शिकायत; डीएम ने हनोल एवं नेटवर्क विहीन क्षेत्र में टावर लगवाने की शुरू की कावायद। त्यूणी हनोल में मोबाइल टावर लगाने पर, ही मैदानी क्षेत्र में मिलेगी अनुमति। त्यूणी हनोल महासू महाराज मंदिर के दर्शन के लिए हर दिन पहुंच रहे हैं हजारों श्रद्धालुओं। सीएम की प्रेरणा से डीएम बंसल हनोल महासू महाराज मंदिर परिसर में ही मास्टर प्लान पर जल्द लेंगे स्थानिकों एवं रेखीय विभाग की बैठक।

देहरादून : जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्यूणी हनोल और नेटवर्क विहीन क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से कड़ी कवायद शुरू कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा से लिया गया, जब स्थानीय लोगों ने हनोल में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए टावर लगाने की मांग की थी।

त्यूणी हनोल में हर दिन हजारों श्रद्धालु महासू महाराज के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मोबाइल नेटवर्क की सुविधा न होने के कारण स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को वार्तालाप और समन्वय में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने वाले स्थानीय निवासियों ने टावर लगाने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को इसे प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए थे।

जिलाधिकारी बंसल ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए कि वे त्यूणी हनोल और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापित करें। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां हनोल में टावर लगाएंगी, उन्हें जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी टावर लगाने की अनुमति दी जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।

डीएम बंसल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से हनोल महासू महाराज मंदिर परिसर में एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें जल्द ही स्थानीय लोगों और संबंधित विभागों के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक की तैयारी के लिए उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, जिलाधिकारी मार्च माह में त्यूणी में रात्रि विश्राम करने का निर्णय लिया है, और इस दौरान बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन कर जनसमस्याओं का समाधान मौके पर किया जाएगा।

यह पहल न केवल नेटवर्क की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के अनुभव को भी बेहतर बनाएगी।