नगर निकाय चुनावों में प्रचार के लिए नई दिशानिर्देश, शोरशराबे पर कड़ी पाबंदियां

राज्य के नगर निकायों में चुनाव के दौरान प्रचार के लिए सभी माध्यमों की अब डीएम से अनुमति लेनी होगी। रात दस बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध ही रहेगा। अब चुनावी शोर भी थम गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता के मुताबिक, चुनाव प्रचार की सामग्री किसी भी निजी भवन या दीवार आदि पर मालिक की अनुमति से ही लगा सकेंगे। किसी भी सरकारी, सार्वजनिक संपत्ति, भवन, स्थल और परिसर में विज्ञापन या वॉल राइटिंग नहीं करेंगे। ऐसा किया तो उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम-2003 के तहत दंडनीय अपराध भी होगा।

चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर या फिर साउंडबॉक्स का प्रयोग पूर्वानुमति लेकर ही कर सकेंगे। इसका प्रयोग रात दस से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। इनसे निकलने वाली आवाज के डेसिबल अनुमन्य सीमा से अधिक भी न हों। कहीं भी स्थायी तौर पर साउंडबॉक्स या फिर लाउडस्पीकर स्थापित नहीं किए जा सकते हैं। मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व के दौरान किसी भी तरह का लाउडस्पीकर प्रतिबंधित ही रहेगा।

चुनाव के दौरान रोड शो के लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति भी लेनी होगी। रोड-शो से बड़े अस्पताल, भीड़ वाले बाजार और सार्वजनिक परिवहन के मार्ग में कोई व्यवधान नहीं किया जाएगा। सरकार का कोई भी मंत्री केवल मतदाता की हैसियत से ही मतदान केंद्र के भीतर भी जा सकेगा।